नगर निगम: हालात देखकर मेयर ने बैठक की वीडियोग्राफी कराने का रखा एजेंडा में प्रस्ताव

-विवाद की आशंका के चलते साधारण सभा की बैठक पर संशय, कुछ पार्षदों ने आयुक्त प्रकरण में जताया विरोध

By: Meghshyam Parashar

Updated: 25 Oct 2020, 02:13 PM IST

भरतपुर. नगर निगम में चल रहे सियासी घमासान के बीच अब साधारण सभा की बैठक पर भी संकट के बादल मंडराते दिखाई दे रहे हैं। चूंकि जहां तक प्रस्ताव की बात है तो वह अभी सवाल-जबाव में सिमटा हुआ है। ऐसे में नया मामला यह भी सामने आ रहा है कि मेयर अभिजीत कुमार को कुछ दिन पहले से ही बैठक में विवाद की आशंका लग रही थी, ऐसे में उन्होंने आयुक्त के पास कुछ बिंदुओं को लेकर जो एजेंडा पूरी जानकारी वापस देने के लिए भेजा था, उसमें ही एक प्रस्ताव यह भी रखा था कि बोर्ड बैठक की वीडियो रिकॉर्डिंग कराई एवं पार्षदों की डिमांड के अनुसार उनको सीडी भी उपलब्ध कराई जाए। चूंकि नगर निगम के इतिहास में ऐसा पहली बार है कि पार्षदों को बैठक की रिकॉर्डिंग की सीडी उपलब्ध कराने की भी अभिशंषा की गई है। उल्लेखनीय है कि इस विवाद के बीच जहां मेयर अभिजीत कुमार ने 14 प्रकरणों में गड़बड़ी की आशंका जाहिर करते हुए यू-नोट बनाकर आयुक्त के पास भेजा था तो वहीं आयुक्त ने कहा था कि वह अगले सप्ताह तक इन सभी प्रकरणों की फाइल भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो के पास भेज देंगे।
जानकारी के अनुसार 19 अक्टूबर को नगर निगम की आयुक्त नीलिमा तक्षक की ओर से मेयर अभिजीत कुमार के पास बैठक का प्रस्तावित एजेंडा भेजा गया था। इस पर 21 अक्टूबर को मेयर ने उसी प्रस्ताव के साथ लिखा कि पार्षदों को पूर्ण जानकारी के लिए प्रत्येक प्रस्ताव का पूरा विवरण संबंधित एजेंडा में दिया जाना सुनिश्चित करें। इसमें पैरा नंबर एन 48 वर्णित क्रम संख्या एक से 15 तक के प्रस्तावों के बारे में प्रत्येक प्रस्ताव पर बिंदुवार सूचना देने के लिए कहा है। साथ ही प्रत्येक प्रस्तावका पूर्ण विवरण, बजट में प्रावधान, आने वाला वित्तीय भार, विधिक राय, प्रशासनिक एवं वित्तीय राय, किस नियम कानून के तहत स्वीकृति आवश्यक है व अन्य कोई विवरण हो तो देने के लिए लिखा। साथ एजेंडा में वार्डों में विकास कार्य कराए जाने पर विचार, शहर के कच्चे परकोटे पर रहने वाले लोगों को पट्टा/निर्माण मंजूरी दिए जाने पर विचार का प्रस्ताव भी शामिल कराने के लिए भेजा।

पार्षद बोले: सुप्रीम कोर्ट के आदेश की हो रही अवहेलना

गंगा मंदिर के पास नगर निगम पार्षदों की बैठक हुई। पार्षद भूपेन्द्र पंडा (चंदा पण्डा) की अध्यक्षता में हुई बैठक को सम्बोधित करते हुए पार्षद मुकेश कुमार पप्पू ने कहा कि गत दिनों नगर निगम आयुक्त की ओर से पार्षद नरेश जाटव के साथ हुई जातिसूचक शब्द व अभ्रदता की घटना को जिला प्रशासन गंभीरता से नहीं ले रहा है अभी तक पुलिस अधीक्षक से मिलने के बाद भी मुकदमा मथुरा गेट थाने पर दर्ज नहीं किया है जबकि सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार एससी/एसटी एक्ट में प्रताडि़त व्यक्ति की पहले मुकदमा दर्ज की कार्यवाही होती है उसके बाद जांच होती है। पार्षद किशोर सैनी ने कहा शीघ्र ही उक्त प्रकरण का मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई करने की मांग की। पार्षद सुरेन्द्र कुमार एडवोकेट ने कहा कि पुलिस सुप्रीम कोर्ट के आदेश की धज्जियां उड़ा रही है। बैठक में पार्षद भगवान सिंह, देवेन्द्र सिंह पार्षद, भास्कर शर्मा, मोती पार्षद, चतर सिंह सैनी, रिंकी पार्षद, रेनू गौरावर पार्षद, विजय भारती पार्षद, बवीता देवी पार्षद, पंकज गोयल आदि मौजूद थे। इधर, नवयुवक जाटव समाज सुधार समिति ने भी मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजकर कार्रवाई की मांग की है।

-पार्षद नरेश जाटव व उनके साथियों के बयान दर्ज किए गए हैं। बाकी सोमवार को आयुक्त के बयान दर्ज किए जाएंगे। इसके बाद जांच आगे की कार्रवाई की जाएगी।

विवेक हरसाना
सब इंस्पेक्टर, थाना मथुरा गेट

Meghshyam Parashar Bureau Incharge
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