
करौली के पांचना बांध के पानी में भरतपुर का हिस्सा तय करने, सूखी पड़ी बाण गंगा व रूपारेल नदी में पूर्वी राजस्थान नहर परियोजना से पानी लाने, बाण गंगा नदी को पांचना बांध से जोडऩे, भरतपुर को यमुना का पूरा पानी उपलब्ध कराने जैसे मुद्दों को लेकर शनिवार को खण्डेलवाल धर्मशाला में जिले के सभी दलों के पदाधिकारियों, समाजसेवियों की एक बैठक आयोजित हुई।
जिसमें तय किया गया कि भरतपुर की सूखी पड़ी नदियों में पानी लाने के लिए और पांचना बांध के पानी में भरतपुर का हिस्सा तय करने को लेकर एक आंदोलन चलाया जाएगा जिसके लिए एक कमेटी बनाई जाएगी।
बैठक की अध्यक्षता करते हुए पूर्व सांसद पंडित रामकिशन ने कहा कि पांचना के पानी में भरतपुर का हिस्सा है और इस बांध की ऊंचाई बढाकर भरतपुर के हिस्से के पानी को गैर कानूनी तरीके से कम कर दिया है।
उन्होंने कहा कि बाढ़ को रोकने के लिए पांचना बांध का निर्माण कराया गया लेकिन जरूरत के वक्त पिछले लगभग 40 वर्षो से कभी गम्भीर नदी के द्वारा भरतपुर के किसानों और केवलादेव राष्ट्रीय उद्यान को पानी नहीं दिया गया। अब हम सब को मिलकर अपने हिस्से का पानी तय कराना होगा जिसके लिए आंदोलन चलाने की जरूरत है।
वैर के विधायक बहादुर सिंह कोली ने कहा कि जब पांचना बांध ओवर फ्लों होता है तब गम्भीर नदी में पानी छोडा जाता है जिससे क्षेत्र में जन धन की हानि होती है किन्तु जब भरतपुर जिले के किसानों को पानी की जरूरत होती है तो एक बूॅद पानी भी इस बांध से नहीं दिया जाता। उन्होंने यह भी कहा कि सूखी पडी बाण गंगा एवं रूपारेल नदियों में ईआरसीपी के माध्यम से पानी उपलब्ध कराया जाए।
समृद्ध भारत अभियान के निदेशक सीताराम गुप्ता ने कहा कि भरतपुर ताज ट्रिपीजोनियम क्षेत्र में आने और केवलादेव राष्ट्रीय उद्यान नजदीक होने की वजह से उद्योग नहीं लगाए जा सकते ऐसी स्थिति में यहाँ के लोगों की आजीविका कृषि पर आधारित है और खेती के लिए नदियों से आने वाले पानी की सबसे बडी आवश्यकता है।
उन्होंने कहा कि पांचना बांध से पानी उपलब्ध कराने और बाण गंगा व रूपारेल नदी को ईआरसीपी से जोडऩे के लिए कमेटी गठित कर मुख्यमंत्री को ज्ञापन दिया जायेगा। बैठक में भरतपुर राज परिवार के काका रघुराज सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री से मिलकर सुझाव दिया जायेगा कि पानी के लिए भरतपुर के हित में फैसला लिया जाये और भरतपुर व डीग जिलों में 3 अतिरिक्त बांधों का निर्माण कराया जाए जिससे बरसाती पानी का सदुपयोग हो और भूजल स्तर ऊपर आ सके।
प्रारम्भ में किसान नेता इंदल सिंह जाट ने कहा कि पांचना के पानी में भरतपुर का हिस्सा तय करने और सूखी पड़ी बाण गंगा नदी को भी पांचना से जोडऩे की आवश्यकता प्रतिपादित की। सभी वक्ताओं ने अतिवृष्टि के कारण फसल खराबे की गिरदावरी कराकर किसानों को शीघ्र मुआवजा देने का आग्रह राज्य सरकार से किया गया। बैठक के अन्त में प्रमुख मार्क्सवादी नेता सीताराम येचुरी के निधन पर 2 मिनट का मौन भी रखा गया।
Published on:
15 Sept 2024 02:04 pm

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