
राजस्थान में साइबर ठग ठगी का नया हथकंडा अपना रहे हैं। इन ठगों का टारगेट बेरोजगार, युवा, गरीब और बुजुर्ग होते हैं। वारदात को अंजाम देने के लिए ये अलग-अलग बैंक खाते या मोबाइल नंबर का इस्तेमाल करते हैं। लोग इनके जाल में फंसकर अपनी पूंजी गंवा रहे हैं। पुलिस लगातार कार्रवाई कर रही है, लेकिन ठगी की वारदातें रुक नहीं रहीं। प्रदेश में मेवात के सायबर ठगों ने अपने घरों में एटीएम मशीनें तक लगा रखी हैं, साथ ही कई बैंकों में इनके फर्जी खाते हैं। यहां के ठग सरकारी अधिकारियों और नेताओं तक को अपना शिकार बना चुके हैं। पुलिस का दावा है कि बीते एक साल में 45 एटीएम मशीनें बैंकों से तालमेल बैठाकर बंद कराए जा चुकी हैं, वहीं 5 एटीएम मशीनें जब्त की जा चुकी हैं। 300 से अधिक आरोपी गिरफ्तार किए जा चुके हैं।
फर्जी एटीएम मशीनें कामां और जुरहरा इलाके के गांवों में लगी हुई हैं। इन क्षेत्रों में बामनी, सबलगढ़, गामड़ी, नौगावां आदि करीब एक दर्जन से अधिक ऐसे गांव हैं, जहां शातिर बदमाशों ने गुप्त जगहों पर एटीएम मशीन लगा रखी हैं। ये थर्ड पार्टी एटीएम होते हैं। इस ठगी के कारोबार में गांवों के अधिकतर लोग भी संलिप्त होते हैं। गुप्त ठिकानों पर लगे एटीएम मशीन से पैसा निकालना इनके लिए बेहद सुविधाजनक होता है। हरियाणा या अन्य किसी इलाके के एटीएम से पैस निकालकर लाते वक्त उन्हें पुलिस से पकड़े जाने का खतरा होता है।
सायबर क्राइम पर नजर रखने वाले एक्सपर्ट दावा करते हैं कि मेवात के ठग पिछले कुछ वर्षों में करीब 200 करोड़ रुपए की ठगी कर चुके हैं। यहां के बदमाश लोगों से ठगी का जो पैसा अपने फर्जी बैंक खातों में डलवाते हैं, उसे पलक झपकते ही अपने घरों में लगे एटीएम से निकाल लेते हैं। फिर पुलिस से शिकायत करने के बावजूद पीड़ित का पैसा न बैंक होल्ड कर पाती है और न ही उस खाते को फ्रीज कर पाती है।
हम लगातार कार्रवाई कर रह हैं। बीते एक साल में 45 एटीएम मशीनें बंद कराई हैं। पांच जब्त की गई हैं। 300 बदमाश गिरफ्तार किए हैं। ठगों की गिरफ्तारी के लिए बनी स्पेशल टीमों की मॉनिटरिंग मैं स्वयं कर रहा हूं।
बृजेश ज्योति उपाध्याय, एसपी डीग
Published on:
16 Oct 2023 12:12 pm

बड़ी खबरें
View Allभरतपुर
राजस्थान न्यूज़
ट्रेंडिंग
