भरतपुर. शिक्षा राज्य मंत्री जाहिदा खान के विधानसभा क्षेत्र कामां में एक विद्यालय ऐसा भी है, इसमें भेड़-बकरियों को बांधने के साथ-साथ गंदगी का आलम है। लेकिन इस ओर शिक्षा विभाग के अधिकारियों का कोई ध्यान नहीं है। जबकि उस विद्यालय प्रांगण में राजकीय उच्च प्राथमिक संस्कृत विद्यालय और राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय के संचालन के साथ-साथ आंगनबाड़ी केंद्र का भी संचालन है, जो अपनी दुर्दशा पर बदहाली के आंसू बहा रहा है।
बता दें कि खटीक मोहल्ला स्थित पानी की टंकी के नीचे संचालित हो रहे स्कूल परिसर में गंदगी के आलम के साथ-साथ भेड़-बकरियों को भी बांधा जाता है। यहां तक की चारपाई भी उस परिसर में मौजूद रहती है। इस पर आसपास के लोग अपनी रिहाइशी जमीन की तरह रहते हैं और अस्थाई रूप से अतिक्रमण कर रखा है, लेकिन सबसे आश्चर्य की बात यह है कि इस विद्यालय में कार्यरत स्टाफ द्वारा भी भेड़ बकरियों के बांधने के बारे में कोई एक्शन नहीं लिया गया है। लोगों ने बताया है कि काफी लंबे समय से विद्यालय परिसर में भेड़ बकरियां बंधी रहती हैं और जगह-जगह लकड़ी के खूंटे भी गड़े हुए हैं। विद्यालय में गंदगी फैलाते हैं, लेकिन किसी ने इस ओर ध्यान ही नहीं दिया।
स्कूल बना असामाजिक तत्वों का अड्डा
संस्कृत विद्यालय के संस्था प्रधान जगदीश प्रसाद शर्मा ने बताया कि विद्यालय में चार दीवारी का अभाव है। आए दिन आवारा जानवर विद्यालय में प्रवेश करते हैं। बकरियों के बांधने के संबंध में तत्कालीन एसडीएम को शिकायत की गई, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई है। यहां तक कि असामाजिक तत्व विद्यालय प्रांगण में जुआ खेलते हैं तथा शराब का सेवन कर कांच की बोतल सहित अन्य सामान को विद्यालय प्रांगण में ही छोड़ जाते हैं।
बच्चों की किताबों को खा जाती हैं बकरियां
विद्यालय में भवन का अभाव है। इसलिए खुले आसमान के नीचे बच्चों को अध्ययन कराया जाता है। बकरियां बच्चों की किताबों को फाड़ देती हैं और खा जाती हैं। बकरियों की वजह से विद्यालय के बच्चे सहित शिक्षक भी परेशान हैं। संस्कृत विद्यालय में चार शिक्षक कार्यरत हैं और 92 बच्चे अध्ययनरत हैं। जबकि प्राथमिक विद्यालय में 95 बच्चे अध्ययनरत हैं और दो अध्यापिका प्रतिनियुक्ति पर कार्यरत हैं।
डीईओ बोले…
-मामला संज्ञान में आते ही तुरंत प्रभाव से संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। विद्यालय प्रांगण में बकरियां एवं आवारा पशुओं का रहना गलत है। नियम अनुसार कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
प्रेम सिंह कुंतल, जिला शिक्षा अधिकारी माध्यमिक, भरतपुर