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भरतपुर

कबाड़ समझ बेचा पुराना मोबाइल, अब उसी से हो रही ठगी

-बर्तन, दाल, पापड़ के बदले पुराना मोबाइल बेचना पड़ रहा महंगा-शहर और गांवों में घूमकर खराब मोबाइल खरीद रहे हैं फेरी वाले

भरतपुरJun 20, 2024 / 07:12 pm

Meghshyam Parashar

आपके घर में एक पुराना मोबाइल पड़ा है, जिसे अब आप इस्तेमाल में नहीं ला रहे हैं। आप उस पुराने फोन को एक-दो बर्तनों या दाल व जीरे के बदले फेरीवाले को बेच देते हैं तो ये ये सौदा आपको बहुत महंगा पड़ सकता है। हाल में ही पड़ौसी राज्य उत्तरप्रदेश के आगरा व मध्यप्रदेश के औरंगाबाद की दो पीडि़तों के ऐसे ही मोबाइल से ठगी की वारदात हुई है। पुराने या खराब मोबाइल के बदले दाल, लहसुन, जीरा और बर्तन बेचने वाले 50 से अधिक फेरीवाले इस समय घूम रहे हैं। इनके साथ पुराना या खराब मोबाइल का सौदा आपको महंगा भी पड़ सकता है। दरअसल इस तरह के फोन आगे मार्केट में जाते हैं और वहां हैकर्स आपके फोन का डेटा निकालकर उसका गलत इस्तेमाल कर सकते हैं। अगर आप भी ऐसा कर रहे हैं तो सावधान हो जाएं। साइबर ठग उन पुराने खराब मोबाइल को फेरी वालों से खरीदकर ठीक करा लेने के बाद उस मोबाइल का इस्तेमाल ऑनलाइन ठगी करने में आदि में कर रहे हैं। ऐसे में यदि कोई ठगी का शिकार पीडि़त पुलिस में मामला दर्ज करा देता है तो पुलिस जांच में वह आरोपी बन जाता है, इसके नाम से मोबाइल पहले पंजीकृत है और मोबाइल का ठगी करने में उपयोग किया गया हो। इसका परिणाम यह होता है कि साइबर ठग तो पुलिस की पकड़ में नहीं आ पाता, लेकिन जिसने मोबाइल को कबाड़ समझ कर चंद पैसों के लालच में बेच दिया था, वे मुसीबत में फंस जाते हैं और पुलिस एवं कानून के जाल में उलझ कर रह जाते हैं।
…क्योंकि एक मोबाइल से सिर्फ दो-चार ठगी
एक्सपर्ट अनिल सिंह बताते हैं कि ठग किसी भी मोबाइल का उपयोग दो-चार ठगी की वारदातों के लिए करते हैं। उसके बाद दूसरा मोबाइल उपयोग में लेते हैं। इसलिए अब ठगों ने पुराने खराब मोबाइल लेकर उन्हें सही कराने के बाद ठगी के काम में लेना भी शुरू कर दिया है। इसके अलावा फोन के खराब होने के बाद भी उसमें मौजूद डेटा उसकी ड्राइव में सही सलामत रहता है। जब वह मोबाइल ठीक होकर ऑन होता है तो उसमें मौजूद सारा डेटा ठगों के हाथ लग जाता है।
क्या-क्या चुराते हैं साइबर ठग

इस तरह के फोन से ठग आपके फोटो, उसमें मौजूद विडियो, सोशल मीडिया डिटेल व अन्य पर्सनल डेटा चुरा लेते हैं। कई बार मोबाइल के अंदर तमाम बैंक अकाउंट, चेक, पैन कार्ड की फोटो क्लिक करने के बाद रह जाती है। उसके जरिए वह आपके साथ ठगी और आपको ब्लैकमेल भी कर सकते हैं।
केस नंबर एक-उत्तरप्रदेश के आगरा के हरीपर्वत निवासी मयंक वाष्र्णेय ने 24 फरवरी 2024 को दो मोबाइल बर्तनों के बदले किसी फेरी वाले को बेचे। एक फोन से 21 अप्रेल 2024 को मेवात के ठग ने मध्यप्रदेश के देवास निवासी पीडि़त को फोन कर फर्जी पुलिस अधिकारी बनकर 20 हजार रुपए मांगे। उन्होंने पांच हजार रुपए उसे डाल दिए। बाद में पड़ताल करने पर मोबाइल आगरा का निकला।
केस नंबर दो-भरतपुर शहर के अर्जुन नगर निवासी एक व्यक्ति ने एक खराब मोबाइल मार्च माह में दाल के बदले फेरी वाले को बेचा। ठग ने उसके मोबाइल का डेटा निकाल कर उसका नंबर तलाश कर उसके आपत्तिजनक फोटो वायरल करने के नाम पर रकम मांगी।
इनका कहना है

-संज्ञान में आया है कि वर्तमान में फेरी वाले आवाज लगाकर खाने-पीने के सामान के बदले पुराने खराब मोबाइल लेकर जाते हैं। इसके लिए जल्द ही प्लानिंग कर फेरी वालों की जांच कराई जाएगी कि वे इन मोबाइल को कहां बेचते हैं। ताकि उन पुराने खराब मोबाइल का साइबर क्राइम में उपयोग नहीं हो सके और न ही कोई गैर कसूरवार व्यक्ति पुलिस व कानून के चक्कर में फंसे।
– लालचंद कायल, एएसपी मुख्यालय भरतपुर





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