
भरतपुर के कुश्ती दंगल में हुआ कुछ ऐसा...
भरतपुर. नगर निगम की ओर से श्रीजसवंत प्रदर्शनी मेले में बुधवार को कुश्ती दंगल प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इस प्रतियोगिता में अलग-अलग राज्यों से करीब 170 पहलवानों ने जोर आजमाइश की। कुश्ती दंगल में राजस्थान, हरियाणा, दिल्ली, उत्तरप्रदेश, मध्यप्रदेश आदि राज्यों के पहलवानों ने भाग लिया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि जिला पुलिस अधीक्षक श्याम सिंह थे।
कुश्ती दंगल समिति के सदस्य चुन्नी कप्तान ने बताया कि प्रत्येक पहलवान के जोड़े को तीन-तीन मिनट के दो राउंड निर्धारित कर रखे हैं। 50 से लेकर 80 किलो तक के पहलवान जोर अजमाइश कर रहे हैं। गुरुवार को फाइनल दंगल में कुल पांच उपाधियों में श्री जसवंत केसरी, जिला केसरी, जसवंत कुमार, जसवंत किशोर, जसवंत बसंत शामिल है। साथ ही बाल पहलवानों की स्पेशल कुश्ती भी करवाई जाएगी। प्रथम विजेता को एक लाख एक हजार रुपए व एक गुर्ज के साथ पट्टा दिया जाएगा। निर्णायक मंडल में गौतम सिनसिनी, नरेन्द्र, मान सिंह, गंगा सिंह, भगवान सिंह, तेजेन्द्र सिंह, रिंकू खान, बाब सिंह आदि रहे। इस मौके पर पशुपालन विभाग के संयुक्त निदेशक गजेन्द्र सिह चाहर, जिला खेल अधिकारी सत्यप्रकाश लुहाच आदि मौजूद रहे।
मेट पर नहीं पहुंचे कुछ पहलवान
उद्घाटन के दौरान जहां मेले के मुख्य आयोजनकर्ता नगर निगम के महापौर की नाराजगी दंगल के संयोजक पर जताई गई वहीं दंगल समिति के अध्यक्ष ने भी मेट पर पहलवानों के न पहुंचने पर नाराजगी व्यक्त की और इन पहलवानों को आगामी तीन साल तक दंगल में प्रवेश न दिए जाने की घोषण करवाई। इन नजारों को झलकियों के माध्यम से यूं देखा गया। दंगल के दौरान जब एक पहलवान को चोट लगी तो वहां मेडिकल टीम नहीं थी। इस पर मौके पर मौजूद अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनिल ने पहलवानों का दर्द समझा और तुरंत मेले में लगे मेडिकल के टैंट से मेडिकल टीम बुलवाई और दंगल में बैठवाई।
मेयर हुए दंगल संयोजक पर नाराज
नगर निगम मेयर अभिजीत कुमार दंगल के दौरान दंगल संयोजक पर नाराज हो गए। दरअसल, दंगल संयोजक की ओर से उन्हें उद्घाटन के लिए दोपहर दो बजे दंगल स्थल पर बुलवा लिया गया, लेकिन करीब ढाई बजे तक वहां पर दंगल के उद्घाटन की रस्म होती नजर नहीं आई तो मेयर मंच से उठकर दंगल संयोजक के पास पहुंचे और झल्लाकर बोले मुझे क्यों दो बजे बुला लिया। इसके बाद वे दंगल स्थल से रवाना हो गए।
संसाधन का दिखा अभाव
दंगल के दौरान पहलवानों के पसीने को पौंछने के लिए अब तक आयोजकों की ओर से तौलिया आदि की व्यवस्था की जाती थी, लेकिन इस बार तौलियों का अभाव रहा तो दंगल संयोजक ने इसके लिए पशुपालन विभाग को कोसते हुए कहा कि तौलिये तो ये लोग रखकर बैठ गए। इसी तरह प्रोटेस्ट के लिए मेट पर रखी जाने वाली लाल व नीली गद्दी भी नजर नहीं आई तो पूर्व राजस्थान केसरी दलवीर हाथी ने इस तरफ आयोजकों का ध्यान आकर्षित किया, मगर आयोजक करीब एक घंटे तक भी इंतजाम न कर सके।
Published on:
05 Oct 2022 09:11 pm
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