
शिक्षक और भामाशाहों ने बदली विद्यालय की तस्वीर, प्रोजेक्टर से पढ़ते हैं विद्यार्थी
भरतपुर. डीग उपखंड के गांव शीशवाडा में ग्रामीणों ने प्रधानाचार्य और शिक्षकों की पहल पर गांव के सरकारी स्कूल की कायापलट करते हुए स्कूल की तस्वीर बदल कर रख दी है। शीशवाडा का राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय तीन साल पहले बदहाल हालत में था जिसके चलते गांव के लोग विद्यालय में बच्चों को पढऩे भेजने में कतराते थे। गांव के बच्चे बहुत बढ़ी संख्या में निकटवर्ती कस्बा जनूथर के निजी विद्यालयों में जाते थे। दिसंबर 2017 में विद्यालय में स्थानांतरित होकर आए प्रधानाचार्य विनोद शर्मा ने सबसे पहले स्वयं 11 हजार रुपए की राशि देकर तथा स्टाफ के सहयोग से 84 हजार रुपए एकत्रित कर विद्यालय में सांस्कृतिक मंच का निर्माण कर गणतंत्र दिवस के अवसर पर ग्रामीणों के समक्ष विद्यालय के विकास में बढ़चढ़कर भागीदारी निभाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि जब एक व्यक्ति अपने निजी लाभ के लिए कॉन्वेंट स्कूल तैयार कर उसे चला सकता है तो हम सब लोग अपने बच्चों के भविष्य के लिए गांव के विद्यालय में बच्चों को कॉन्वेंट जैसी बेहतर सुविधाएं क्यों नहीं प्रदान कर सकते।
भामाशाहों ने की मदद
भामाशाह द्वारा विद्यालय के विकास के लिए सीसीटीवी कैमरे, प्रिंटर, डीपबोर विद सबमर्सिबल मोटर, वाटर कूलर, वाटर कैंपर, एलईडी लाइट्स, तीन इनवर्टर, समस्त कक्षा कक्षों में व्हाइट बोर्ड , वाटर प्यूरीफायर, इलेक्ट्रिक बेल टाइमर, प्रार्थना सभा के लिए साउंड सिस्टम, शिक्षक और विद्यार्थियों के बैठने के लिए फर्नीचर, सम्पूर्ण विद्यालय परिसर में लॉकिंग टाइल्स तथा अच्छी गुणवत्ता का रंग रोगन तथा कॉन्वेंट स्कूलों की तरह हर जरूरी सामान उपलब्ध कराया।
नामांकन में हुई आशातीत वृद्धि
प्रधानाचार्य के नेतृत्व में शिक्षकों ने शीशवाड़ा और आसपास के गांवों में नुक्कड़ सभाएं की और घर-घर अभिभावकों से संपर्क कर उन्हें अपने बच्चों को विद्यालय में प्रवेश कराने के लिए प्रेरित किया। जिससे विद्यालय के नामांकन में 60.89 प्रतिशत की वृद्धि हुई। शीशवाडा ग्राम पंचायत को विगत दो सत्रों से लगातार जिला कलक्टर द्वारा ड्राप आउट फ्री उजियारी पंचायत घोषित किया गया है। अब विद्यालय में आसपास के 9 गांवो के विद्यार्थी पढऩे आते हैं।
शिक्षण व्यवस्था में किया बदलाव, दिखा असर
विद्यालय के शिक्षकों ने शिक्षण कार्य को सर्वोच्च प्राथमिकता दी। शिक्षकों ने अभिभावकों के साथ हर माह बैठक कर विद्यार्थियों की कमजोरियों और प्रगति पर चर्चा की। उनसे प्रतिदिन रिपोर्ट लेने की व्यवस्था की गई। साथ ही आईसीटी लैब में प्रोजेक्टर के माध्यम से शिक्षण करवाते हुए कमजोर विद्यार्थियों की शिक्षा पर विशेष ध्यान दिया गया। जिससे विद्यालय का परीक्षा परिणाम उत्कृष्ट रहा है। यूनिट टेस्ट और मंथली टेस्ट में शुरू किए। असर ये हुआ कि विद्यालय विगत दो वर्षों से लगातार माध्यमिक शिक्षा विभाग की ओर से बेहतर बोर्ड रिजल्ट के लिए दी जाने वाली फाइव स्टार रेटिंग हासिल कर रहा है। वहीं जिला स्तरीय जूडो चैंपियनशिप को जीतने के साथ ही 9 खिलाडिय़ों ने राज्य स्तर पर खेलकूद प्रतियोगिता में सहभागिता की थी। गांधी विचार संस्कार परीक्षा में स्कूल के बच्चों ने जिले के 18 स्थानों पर कब्जा जमाया। वहीं, सरपंच प्रतिनिधि मुकेश जेलदार ने बताया कि पूरा गांव विद्यालय के विकास के लिए एकजुट है। विद्यालय के विकास के लिए धन की कमी नहीं आनी दी जाएगी।
Published on:
16 Sept 2020 04:10 am

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