भरतपुर. माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की ओर से घोषित 12वीं कला संकाय में इस बार भी बेटियों का परिणाम प्रतिशत बेहतर रहा है। जिले का परिणाम 91.48 प्रतिशत रहा है, जो कि 2022 के परिणाम 96.63 प्रतिशत की तुलना 5.15 प्रतिशत कम रहा है। कला संकाय के परिणाम पर नजर डालें तो 31 हजार 10 कुल विद्यार्थियों में से 15 हजार 652 छात्र, 15 हजार 358 छात्राओं ने परीक्षा के लिए आवेदन किया था। इसमें 14 हजार 230 छात्र, 15 हजार 179 छात्राओं समेत कुल 30 हजार 409 विद्यार्थी शामिल हुए। प्रथम श्रेणी से 13 हजार 614, द्वितीय श्रेणी से 11 हजार 975, तृतीय श्रेणी से 2225 विद्यार्थी उत्तीर्ण हुए। छात्रों में प्रथम श्रेणी से 5482, द्वितीय श्रेणी से 6923, तृतीय श्रेणी से 1154 पास हुए। परिणाम 89.04 प्रतिशत रहा। जबकि छात्राओं में से प्रथम श्रेणी से 8132, द्वितीय श्रेणी से 5052, तृतीय श्रेणी से 1071 उत्तीर्ण हुए। परिणाम 93.93 प्रतिशत रहा। इस बार प्रदेश में 21वां स्थान रहा है। पिछले साल प्रदेश में नवां, 2020 में 13वें, 2017 में आठवां, 2018 में 16वां व 2019 में कला वर्ग के परिणाम में प्रदेश में 24वां स्थान था।
हर साल बढ़ोतरी, लेकिन इस बार 5.15 प्रतिशत गिरावट
पिछले 15 साल के कला संकाय के परीक्षा परिणाम पर नजर डालें तो हर साल से परिणाम बढ़ोतरी होती रही है, लेकिन इस बार परिणाम में गिरावट आई है। 2019 में कुल परिणाम प्रतिशत 86.87 प्रतिशत रहा था। छात्रों का परिणाम 84.96 प्रतिशत व छात्राओं का परिणाम 88.99 प्रतिशत था। 2021 का परिणाम बगैर परीक्षा जारी हुआ था। ऐसे में वर्ष 2019 की परिणाम पर नजर डालें तो उस समय 13 साल का रिकॉर्ड टूटा था। उस वर्ष 4.85 प्रतिशत परिणाम बढ़ा था। हालांकि 2019 में कुल परिणाम 2.25 प्रतिशत गिरा था। छात्रों का परिणाम 4.35 प्रतिशत गिरा था और छात्राओं का परिणाम 2.62 प्रतिशत गिरा था। वर्ष 2016 में छात्रों का परिणाम 92.81 प्रतिशत था, छात्राओं का परिणाम 5.19 प्रतिशत बढ़ा था। इसी प्रकार 2017 में छात्रों का परिणाम 88 प्रतिशत व छात्राओं का 90.03 प्रतिशत रहा था, जो कि छात्रों की तुलना छात्राओं का परिणाम 2.03 प्रतिशत अधिक था। 2018 में छात्रों का परिणाम 89.31 प्रतिशत व छात्राओं का परिणाम 91.61 प्रतिशत था। उस साल भी छात्राओं का परिणाम 5.03 प्रतिशत बढ़ा था। वर्ष 2022 में छात्रों का परिणाम प्रतिशत 95.74 प्रतिशत व छात्राओं का परिणाम प्रतिशत 97.54 प्रतिशत रहा था। इस बार छात्रों के परिणाम में पिछले साल की तुलना 6.04 प्रतिशत व छात्राओं के परिणाम में 3.61 प्रतिशत की गिरावट आई है।