
Bharatpur News : भरतपुर के भुसावर के रहने वाले किसान मिट्ठू सिंह आज कटहल की खेती से लाखों रुपए कमा रहे हैं। अपने दोस्त की सलाह से उन्होंने कटहल की बागवानी शुरू की। खास बात तो यह है कि बागवानी जैविक खाद की मदद से की जा रही है फिर भी वे लाखों रुपए का मुनाफा कमा रहे हैं। उनकी यह कहानी हर किसान को सुननी चाहिए जो खेती से अच्छा मुनाफा कमाना चाहते हैं।
किसानों के लिए अपनी आर्थिक स्थिति मजबूत करना का यह अच्छा तरीका है, और इसमें ज्यादा मेहनत भी नहीं लगती। भरतपुर के भुसावर के रहने वाले किसान मिट्ठू सिंह रसायनिक खाद के बजाए जैविक खाद का प्रयोग कर कटहल की बागवानी कर रहे हैं। यही वजह है कि अन्य कटहल के फल की बजाय यह फल काफी अच्छा एवं अधिक कीमत पर बिकता है।
भरतपुर के किसान मिट्ठू सिंह करीब 15 साल से गेहूं ,सरसों, चने की पारंपरिक खेती करते आ रहे हैं। जिसमे वे काफ़ी अधिक मेहनत के बावजूद भी लाभ नहीं कमा पाते जिस से आर्थिक स्थिति में भी कोई सुधार नहीं हो रहा था। तब इस बारे में दोस्त को बताया तो दोस्त ने बागवानी करने की सलाह दी और कहा कि भुसावर की मिट्टी अच्छी है और यहां बागवानी करने से काफी लाभ होगा तब किसान ने दोस्त के कहने पर किसान ने जैविक खाद के माध्यम से बागवानी शुरू की किसान ने कहा की इन पेडो मे तीन से पांच साल में बड़ा होने के साथ फल देना प्रारंभ कर दिया अब एक पेड़ पर एक सीजन में करीब 150 से अधिक फल लगते और एक फल करीब 20 से 30 तक का हो जाता है।
गर्मियों में कटहल की अच्छी मांग रहती है। भरतपुर सहित जयपुर, दिल्ली, हरियाणा, उत्तरप्रदेश, गुजरात, मध्यप्रदेश आदि राज्यों में लोग काफी चाव से इसे खाते हैं। इसके अलावा झारखंड, बिहार, महाराष्ट्र, बंगाल जैसे जगहों पर भी लोगों की यह खास पसंद है। सबसे अधिक मांग अचार फैक्ट्रियों में होती है। कटहल का अचार बनाने के लिए फैक्ट्रियां सीधे किसान से कटहल खरीदती हैं। किसान का कहना है कि इस खेती से उन्हें प्रति माह एक लाख रुपए से भी अधिक का मुनाफा होता है।
Updated on:
10 May 2024 02:44 pm
Published on:
10 May 2024 02:43 pm
