The sun caught the square, the clothes covered the roofsसबको चौंकाने के बाद यह मौसम भी आखिरकार बदल ही गया। चार दिन लगातार बारिश के बाद बुधवार को खुलकर धूप खिली। राहत के साथ धूप ही नहीं चेहरे भी खिले।
The sun caught the square, the clothes covered the roofs
-चार दिन लगातार बारिश के बाद तेज धूप के साथ चेहरे भी खिले
-घरों में कैद लोगों ने अपने रुके हुए काम फिर से शुरू किए
भरतपुर. पारी से घिरी कॉलोनियां...डूबी फसलें...घरों में कैद लोग। चार दिन झमाझम बारिश (rain) ने नाक में दम कर दी। लेकिन यह मौसम भी बदल गया। मंगलवार को बारिश का दौर थमने के बाद बुधवार को जमकर धूप खिली। धूप के साथ लोगों के चेहरों पर भी चमक आई।
उठते ही नजर आसमां पर...
बुधवार की सुबह लोगों ने सबसे पहले मौसम के हाल जाने। कुछ बादलों के साथ संशय जरूर दिखे लेकिन संशय ज्यादा देर तक नहीं रहा। सुबह सात बजे से मौसम साफ हो गया और कुछ देर बाद ही धूप निकलने लगी। कुछ घंटों ने धूप ने तेजी पकड़ ली।
अरगनी फिर व्यस्त...
धूप खिलने के साथ ही छतों पर कपड़े सूखने पहुंचे। चार दिन से रुके हुए काम भी लोगों ने पूरे किए। छतों पर सूखे कपड़ों ने मुश्किल भी हलकी की। खासतौर से महिलाओं के चेहरों पर खुसी साफ नजर आई।
रंगरोगन ने पकड़ी फिर रफ्तार
दिवाली से पहले हो रंगरोगन की रफ्तार को चार दिन की झमाझम बारिश ने ब्रेक लगा दिए थे। जिसके बाद धूप खिलने के साथ ही पेंटरों ने राहत की सांस ली। रंगरोगन के काम ने फिर से रफ्तार पकड़ ली।
बाजार फिर खचाखच
दिवाली से पहले कई सप्ताह से बाजार ने तैयारी कर ली थी लेकिन मौसम के व्यावधान के बाद कुछ ब्रेक जरूर देखा गया। लेकिन अब मौसम पूरी तरह से खुलने के बाद बुधवार को बाजार फिर से खचाखच देखा गया। दिवाली से पहले करवाचौथ की खरीदारी में बाजार में अच्छी रौनक रही।