भरतपुर. जिले में नगर के गांव चिरावल माली में हुए कार्यक्रम में भाजपा नेताओं की बयानबाजी ने पार्टी में ही कलह छेड़ दी है। पूर्व प्रधान रविंद्र जैन ने वर्ष 2013 में कामां से विधायक रहे जिला प्रमुख जगत सिंह पर जमकर निशाना साधा। उन्हें ही 2018 में कामां सीट से पार्टी की हार का जिम्मेदार ठहराया। कार्यक्रम में भारतीय जनता पार्टी के पूर्व जिलाध्यक्ष व कामां पंचायत समिति के पूर्व प्रधान रविंद्र जैन ने जिला प्रमुख जगत सिंह पर भ्रष्टाचार को लेकर निशाना साधते हुए कहा कि पिछले चुनाव में उन्हें चुनाव लड़ाने भेजा था। उस समय समीकरण हमको भी मालूम था। पार्टी के नेता बोलते थे कि कामां की सीट तो हारने वाली सीट है। तीन जातियों का समीकरण कांग्रेस के पक्ष में जा रहा है। मुस्लिम, एससी वोटर नाराज हो गए। इससे 2018 में पार्टी को कामां में हार का सामना करना पड़ा। क्योंकि उससे पहले के हमारे विधायक ने दोनों जातियों के वोटरों को नाराज कर दिया। बड़े बाप के बेटे बनते थे, लेकिन जमकर भ्रष्टाचार की लूट मचाई। कार्यक्रम में भाजपा जिलाध्यक्ष डॉ. शैलेश सिंह, डांग विकास बोर्ड विकास के पूर्व अध्यक्ष जवाहर सिंह बेढम, सांसद रंजीता कोली भी मौजूद रहे। ज्ञात रहे कि जिला प्रमुख जगत सिंह वर्ष 2013 के विधानसभा चुनाव में कामां से विधायक रह चुके हैं।
चुनाव से पहले ही पार्टी में कलह
असल में विधानसभा चुनाव से पहले पार्टी में कलह की बात कोई नई नहीं है। भाजपा नेताओं के बीच खींचतान पिछले कुछ समय से लगातार सामने आ रही है। बात चाहे जिलाध्यक्ष पद की हो या खनन का मुद्दा। कुछ भाजपा नेताओं के नाम ऐसे हर मामले में सुर्खियां बटोरते रहे हैं। जानकारों की मानें तो भाजपा के कुछ नेताओं के बीच खनन के मुद्दे को लेकर भी आरोप-प्रत्यारोप लग चुके हैं। मामला पार्टी नेतृत्व के पास भी पहुंचा, लेकिन अंत में बीच-बचाव की राजनीति के चलते मामला ठंडे बस्ते में डाल दिया गया।