
भरतपुर। कलक्ट्रेट सभागार में बुधवार को हुई बैठक में केबिनेट मंत्री विश्वेंद्र सिंह ( Cabinet Minister Vishvendra Singh ) व वन एवं पर्यावरण, खाद्य आपूर्ति तथा उपभोक्ता मामले के राज्य मंत्री सुखराम विश्नोई ( sukhram bishnoi ) की मौजूदगी अधिकारी को जमकर लताड़ लगाई गई। मंत्री विश्वेंद्र सिंह ने कहा कि अगर जनता की समस्याओं के समाधान में उनकी रूचि नहीं है तो वे यहां से अपना तबादला करा ले।
बैठक में केबिनेट मंत्री विश्वेंद्र सिंह ने डीएसओ द्वितीय से सवाल किया कि अब तक राशन डीलरों के खिलाफ कितनी शिकायत आई है तो डीएसओ समेत संबंधित विभाग के एक-दूसरे का मुंह ताकने लगे, लेकिन जबाव जिला कलक्टर डॉ. आरुषि अजेय मलिक ने दिया। इससे नाराज केबिनेट मंत्री ने कहा कि डीएसओ मैडम आप एसी ऑफिस से बाहर ही नहीं निकलना चाहता है।
आपने दो साल में डीग-कुम्हेर विधानसभा क्षेत्र में एक भी निरीक्षण नहीं किया। बड़े आश्चर्य की बात है, आप काम क्या खाक करोगी। अगर नौकरी नहीं करना चाहती हैं तो बाहर तबादला करा लो।
मंत्री के इतना कहते ही डीएसओ ने कहा कि तबादला करा दीजिए। इससे नाराज केबिनेट मंत्री ने उनको तबादला के लिए प्रार्थना पत्र लिखने और बाहर निकल जाने के लिए कह दिया। केबिनेट मंत्री ने कहा कि अधिकारी धरातल पर काम नहीं कर रहे है। जनता में सरकार की इमेज खराब हो रही है। अफसर पूर्व की भाजपा सरकार की तरह आंकड़ो पर काम बता रहे है और जमीन पर सब कुछ जीरो है।
बैठक में दोनों मंत्रियों ने लोगों को गंदा पानी मिलने, बिना पैसे दिए लोगों के खाद सुरक्षा योजना में नाम नहीं जुडऩे, अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त केवलादेव राष्ट्रीय उधान (घना) में विलायती बबूल से हो रहे नुकसान, शहर एवं गांवो में आवारा पशुओं से आमजन को हो रही परेशानी सहित जनहित से जुड़े अनेक मुद्दे उठाए थे। सिंह अधिकारियों के असहयोग के चलते नाराज होकर एक बार तो बैठक को बीच मे ही छोड़ चल भी दिए लेकिन बाद में विश्नोई ने उन्हें जाने से रोक लिया।
Updated on:
03 Jul 2019 08:06 pm
Published on:
03 Jul 2019 07:46 pm

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