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भरतपुर

VIDEO…14 साल से इंतजार…अब किसानों का फूटा गुस्सा

-संभाग की सबसे बड़ी आवासीय कॉलोनी का दिखाया था सपना

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भरतपुर. यूआईटी स्कीम न 13 संघर्ष समिति की ओर से सोमवार को अपनी मांगों को लेकर किसान आक्रोश रैली निकाली गई। जिसका नेतृत्व मोती सिंह पार्षद ने किया। रैली मुख्य बाजार से होते हुए कलेक्ट्रेट पर पहुंची जहां किसानों ने रोष जताया। रैली में जिला प्रशासन, विधायक के विरुद्ध जमकर नारेबाजी की गई। इस दौरान मुख्यमंत्री के नाम जिला कलक्टर को ज्ञापन सौंपा गया।
पार्षद मोती सिंह ने बताया यूआईटी भरतपुर द्वारा आवासीय योजना सेक्टर नंबर 13 के लिए लगभग 2200 बीघा भूमि वर्ष 2004 के लगभग अवाप्ति कि कार्यवाही की गई थी। जिसके सन्दर्भ में किसानों ने अवाप्ति शुदा भूमि के बदले विकसित भूमि 25 प्रतिशत भूमि लेने पर अपनी सहमती न्यास कार्यालय में दे दी लेकिन आज तक लगभग 80 प्रतिशत किसानों को मुवावजा के रूप में विकसित भूमि के पट्टे नहीं दिए गए है। इस सन्दर्भ में यूआईटी सचिव भरतपुर के द्वारा 13 अगस्त 2022 में समझौता वार्ता की गई जहां लिखित आश्वासन दिया गया था कि न्यास एजेंसी द्वारा 3 माह में किसानों को पट्टे वितरित करने की कार्यवाही पूरी की जाएगी लेकिन 10 माह गुजर जाने के बाबजूद भी कोई कार्यवाही नहीं हुई। लेकिन भूमि माफिया प्रवृति के लोगों को पट्टे देने की कार्यवाही न्यास द्वारा की जाती रही है। इसी प्रकार 26 दिसम्बर 2022 को यूआईटी सचिव ने किसान संघर्ष समिति सेक्टर न. 13 को सचिव द्वारा 1 माह में पट्टे देने का लिखित आश्वाशन दिया गया जिसके बाबजूद भी किसानों की आज तक कोई कार्यवाही नहीं हुई। उन्होने कहा कि शासन-प्रशासन झूठे आश्वाशन देकर गुमराह कर रहे है। मोतीसिंह पार्षद ने कहा कि सेक्टर नं. 13 के किसानों को यथाशीघ्र पट्टे दिए जाएं अन्यथा 8 दिवस में पट्टे नहीं दिए गए तो पीडि़त किसान मजबूरन कलेक्ट्रेट में डेरा डालेंगें।

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