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14 लाख की अमरीकी मशीन कंडम में, फिर अब एरो प्लेन से 16 लाख की फागिंग मशीन मंगाई

एक साल पहले ही मच्छर मारने खरीदी 14 लाख की अमरीकी लिको फॉगिंग मशीन बेकार हो गई है। बीएसपी प्रबंधन ने अब 16 लाख रुपए की चार थर्मों फॉगिंग मशीन दिल्ली से हवाई जहाज से मंगाई।

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14 लाख की मशीन कंडम में, फिर अब एरो प्लेन से 16 लाख की फागिंग मशीन मंगाई

भिलाई. एक साल पहले ही मच्छर मारने खरीदी 14 लाख की अमरीकी लिको फॉगिंग मशीन बेकार हो गई है। बीएसपी प्रबंधन ने अब तक इसका उपयोग ही नहीं किया। अब जब डेंगू ने शहर में महामारी का रूप ले लिया है प्रबंधन ने फिर आनन-फानन में रविवार को 16 लाख रुपए की चार थर्मों फॉगिंग मशीन दिल्ली से हवाई जहाज से मंगाई।

सिर्फ र्इंधन पर ही 68 हजार रुपए खर्च होगा

प्रबंधन ने जो नई मशीन खरीदी है उससे दो घंटे फॉगिंग करने में २०० लीटर डीजल , २० लीटर पेट्रोल व १० लीटर कीटनाशक दवा की जरूरत पड़ेगी। इस तरह एक मशीन पर ही करीब 17 हजार रुपए खर्च आएगा। यानी चारों मशीन को अगर एक दिन में दो-दो घंटे ऑपरेट करते हैं तो सिर्फ र्इंधन पर ही 68 हजार रुपए खर्च होगा। बीएसपी प्रबंधन ने टाउनशिप को डेंगू से मुक्त करने के लिए यह बड़ा कदम उठाया है। प्रबंधन ने पहले दावा किया था कि अमरीकी फॉगिंग मशीन अत्याधुनिक व इको फ्रेंडली है। अब कह रहे हैं कि इससे मच्छर नहीं मर रहे हैं।

14 लाख की अमरीकी फॅागिंग मशीन बेकार
अमरीकी लिको फॉगिंग मशीन १८ एचपी की है। इसका वजन 216 किलो है, इसके फॉगुलेशन टैंक की क्षमता करीब 56.7 लीटर है। फ्लैश टैंक की क्षमता 3.8 लीटर का है। इंधन का टैंक 45 लीटर का है। फ्यूल कंजक्शन 10 लीटर प्रति घंटा है। यह मशीन 65 लीटर पानी, 10 लीटर पेट्रोल व एक लीटर दवा से दो घंटे तक क्षेत्र को फॉग दे सकती है। मशीन का नोजल एयर फ्लो टेक्नालॉजी का है, जो 360 डिग्री हॉरिजेंटल व 200 डिग्री वर्टिकल घूम सकता है। कंपनी ने दावा किया था कि इस मशीन के धुएं के प्रभाव से खास तौर पर डेंगू के मच्छरों का सफाया होगा।

खर्च अधिक पर बेहतर परिणाम
बीएसपी प्रबंधन का कहना है जो मशीन खरीदी है उसका उपयोग बहुत खर्चीला है, लेकिन यह असरकारक है। डेंगू से जिस तरह से एक के बाद एक मौत हो रही है, उससे आशंका है कि बड़े क्षेत्र को डेंगू के मच्छरों ने अपनी चपेट में ले लिया है। डेंगू के मच्छरों को खत्म करने अब शहर के हर एरिया में इसे दौड़ाना होगा।

संयंत्र में भी डेंगू की शिकायत
बीएसपी के यूआरएम में डेंगू को लेकर अधिक शिकायत आ रही है। एसीटी व ओसीटी इससे प्रभावित हुए और सेक्टर-9 में भी दाखिल हुए। इसी तरह से एसएमएस में भी डेंगू के मच्छर पहुंच चुके हैं। प्रबंधन संयंत्र के भीतर भी फॉगिंग करवाना चाहता है।