3 फ़रवरी 2026,

मंगलवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

स्थानीय विधायक से मिलने भिलाई-तीन से रायपुर तक धक्का खाता रहा रहा 23 परिवार

10 घंटे तक रहा परेशान, सीएम के आवास से भी लौटे खाली हाथ. बारिश में जिला उद्योग विभाग ने 7 दिनों के भीतर कब्जा हटाने कहा.  

3 min read
Google source verification

भिलाई

image

Abdul Salam

Jul 20, 2020

स्थानीय विधायक से मिलने भिलाई-तीन से रायपुर तक चक्कर लगाता रहा 23 परिवार

स्थानीय विधायक से मिलने भिलाई-तीन से रायपुर तक चक्कर लगाता रहा 23 परिवार

भिलाई. औद्योगिक क्षेत्र, भिलाई में उद्योग विभाग की जमीन पर अतिक्रमण कर दशकों से रहने वालों को सात दिनों के भीतर कब्जा खाली करने के लिए नोटिस दिया गया है। यह नोटिस करीब 23 परिवार को थमाया गया है। यह परिवार रविवार को सुबह 8 बजे से शाम 6 बजे तक स्थानीय विधायक से मुलाकात करने दर-दर भटकता रहा। भिलाई-3 से लेकर रायपुर तक आटो में बैठकर यह लोग चक्कर लगाते रहे, लेकिन विधायक से मुलाकात नहीं हो सकी। इसके बाद वे देर शाम तक मुख्यमंत्री आवास के सामने बैठे रहे, वहां से भी सुरक्षा कर्मियों ने जाने को कहा, जब वे जाने को तैयार नहीं हुए, तो पुलिस बुलाने की बात कही। गिरफ्तारी की डर से सभी लोग मायूस होकर लौट गए।

गरीबों से मिलने तैयार नहीं कोई
सुबह ८ बजे हथखोज में रहने वाला यह परिवार सबसे पहले मुख्यमंत्री के आवास पहुंचा। यहां मौजूद जिम्मेदार लोगों ने उनसे कहा कि स्थानीय विधायक से इस संबंध में बात कर लें। तब वे सीएम निवास के समीप रहने वाले अहिवारा के विधायक व मंत्री गुरु रुद्र कुमार से मिलने पहुंचे। यहां उनके पीए ने बताया कि वे रायपुर स्थित आवास में है। गरीब परिवार आटो कर सीधे रायपुर में मौजूद मंत्री के निवास तक जा पहुंचा। वहां मंत्री के पीए ने कहा कि इस मामले का हल सीएम कर सकते हैं।

वापस सीएम निवास पहुंचे लोग
तब परेशान परिवार वापस सीएम आवास पहुंचा। जहां शाम 4 बजे से 6 बजे तक यह लोग डटे रहे। तब सुरक्षा कर्मियों ने कहा कि यहां से लौट जाओ। तब गरीब परिवार ने कहा कि परेशानी कोई सुन नहीं रहा है। यहां से वहां जाने के लिए कह रहे हैं। कम से कम संबंधित अधिकारियोंं से कोई बात तो कर सकता है। इस पर सुरक्षा कर्मियों ने कहा कि अगर यहां से नहीं जाओगे, तो पुलिस बल बुलाना पड़ेगा। तब वे लोग गिरफ्तारी के डर से लौट गए।

मेयर ने भी किया हाथ खड़ा
इन परिवारों को जब मई 2020 में नोटिस दिया गया था, तब वे भिलाई-चरोदा नगर पालिक निगम की मेयर से मिलने गए थे। मेयर ने साफ कहा था कि वह इस मामले में कोई मदद नहीं कर सकती हैं। तब भी वे खाली हाथ लौट गए थे।

रेलवे पटरी के बाज में रहने वालों पर गाज
औद्योगिक क्षेत्र से बीएसपी के नंदिनी लाइम स्टोन खदान की ओर जाने के लिए रेल पटरी बिछी हुई है। इस पटरी के समीप में करीब 20 से 25 साल पहले से 23 परिवार कच्चे मकान बनाकर रह रहा है। करीब तीन दिन पहले इनको उद्योग विभाग ने कब्जा खाली करने नोटिस थमाया है। इनके पास रहने को अपना दूसरा ठिकाना नहीं है, इस वजह से यह लोग परेशान हो गए हैं।

व्यवस्थापन की है जरूरत
केंद्र सरकार ने दीन दयाल आवास योजना को इस तरह के लोगों के लिए ही बनाया है। इस तरह की बस्ती को उजाडऩे से पहले केंद्र सरकार की योजना के तहत फ्लेट तैयार किए जाने चाहिए। जिस तरह से तात्कालीन मंत्री प्रेमप्रकाश पाण्डेय ने खुर्सीपार में सड़क बनाने से पहले बसे लोगों को दूसरे जगह दीन दयाल आवास योजना के तहत मकान बनवाकर शिफ्ट किया। इसके बाद बुलडोजर कच्चे और पक्के मकानों पर चला। तब सड़क का काम शुरू किया गया। यहां भी राज्य सरकार और नगर पालिक निगम, भिलाई-चरोदा को इन गरीब परिवारों का पहले व्यवस्थापन करना था। इसके बाद कच्चे मकानों को ढहाने नोटिस दिया जाना था।

बारिश और कोरोना के बीच कार्रवाई की तैयारी
प्रदेश में कोरोना वायरस से प्रभावितों की संख्या बढ़ रही है। जिसको देखते हुए फिर एक बार लॉकडाउन की तैयारी चल रही है। बारिश का मौसम है, इन हालात में गरीबों को बेघर करने की तैयारी की जा रही है।

Story Loader