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तालपुरी इंटरनेशनल कॉलोनी के 29 हितग्राहियों को मिलेंगे एक-एक लाख, क्यों ? पढि़ए पूरी खबर

जिला उपभोक्ता फोरम ने गृह निर्माण मंडल के संपदा अधिकारी को सर्विस टैक्स अधिक वसूलने के लिए दोषी करार देते हुए उसपर 72 लाख 62 हजार 946 हर्जाना किया है।

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दुर्ग . जिला उपभोक्ता फोरम ने एक बार फिर गृह निर्माण मंडल की तालपुरी इंटरनेशनल कॉलोनी के 29 प्रकरणों में एकसाथ फैसला सुनाया है। इसमें मंडल के संपदा अधिकारी को सर्विस टैक्स अधिक वसूलने के लिए दोषी करार देते हुए उसपर 72 लाख 62 हजार 946 रुपए हर्जाना किया है। इसके अलावा कॉलोनी में हितग्राहियों को सामुदायिक भवन, स्वीमिंग पूल, सोलर गिजर सिस्टम, क्लब हाउस का निर्माण भी जल्द कराना होगा। साथ ही निर्माण की त्रुटियों को भी सुधारना होगा।

हर्जाना की कुल राशि में 40 लाख 72 हजार अतिरिक्त वसूले गए सर्विस टैक्स का
जिला उपभोक्ता फोरम की अध्यक्ष मैत्रीय माथुर, सदस्य राजेन्द्र पाध्ये व लता चंद्राकर ने यह राशि एक माह के भीतर जमा करने का निर्देश दिया है। हर्जाना की कुल राशि में ४० लाख ७२ हजार ९४६ रुपए अतिरिक्त वसूले गए सर्विस टैक्स का है। मंडल को प्रत्येक परिवादी का एक-एक लाख मानसिक कष्ट और १०-१० हजार रुपए वाद व्यय का देना होगा।

हितग्राहियों को यह शिकायतें भी
-गृह निर्माण मंडल ने आवश्यकता से अधिक सर्विस टैक्स लिया है।
-बुकिंग के 7 साल बाद भी मकान हैंडओवर नही किया गया।
-ब्रोशर में दी गई सुविधाएं भी उपलब्ध नहीं कराई जा रही हैं।

लागत मूल्य से अधिक कीमत वसूली
-तालपुरी योजना 2008-09 में शुरू हुई। अनुबंध के समय कॉलोनी को 24 माह में विकसित करनाा था। अनुबंध में अनुमानित मूल्य दिया गया, जिसमें लागत बढऩे पर 10 प्रतिशत वृद्धि की जा सकती थी। लेकिन इससे ज्यादा कीमत बढऩे पर अनिवार्य रूप से सहमति ली जाना थी। मंडल ने हितग्राहियों से राशि लेकर निर्माण आरंभ कराया। कोलकाता की कंपनी को ठेका दिया। इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी अपने अनुबंध दर पर ही काम कर रही। बावजूद इसके मूल्यवृद्धि कर सर्विस टैक्स अधिक लिया गया।

सीएम से शिकायत के बाद भी कार्रवाई नहीं
परिवादी ने बताया कि योजना में लापरवाही बरतने का मामला निरीक्षण में सामने आया। आवास निर्माण में निर्धारित से कम कॉलम का प्रयोग किया गया है। साथ ही घटिया सामग्री इस्तेमाल की गई। इसके बाद भी काम देर से पूरा किया और आवास की कीमत भी बढ़ा दी। मुख्यमंत्री से शिकायत की, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई।

इनके पक्ष में आया फोरम का फैसला
परिवादी सर्विस टैक्स
१. नीना राठौर १२२३०२
२. भक्त बन्धु सतपथी ९९७८४
३. गोपाल सिंह १५१९५२
४. राकेश वर्मा १५६१५१
५. भावना जॉन ९७४०५
६. पाथी अभय बाबू १७८८३५
७. अशोक सिंह १२६३३७
८. सरबरी दास १२६३३७
९. एचपी देवांगन १८३४६९
१०. क्षितिज मिश्रा १२९६९५
११. संजय सिंह १२९६९५
१२. सुरेश चंद्र १०००८०
१३. दीपक गोयल १९७४०५
१४. एचएस शर्मा १८३८८२
१५. संध्या सिंह ९७५२८
१६. लक्ष्मण सिंह १५६१६१
१७. सुनिता डे १२१४५०
१८. कृष्णा शर्मा १२२९०५
१९. प्रेम नारायण खट्टर १२२९०५
२०. संगीता बेंजामिन १८११५२
२१. सुभाष बाबु १७८८३५
२२. राजेश्वर राम ४४१७९
२३. सुमन लता २७०३८
२४. राज कुमार शुक्ला १५६१६१
२५. ज्योति सक्सेना १५६१६१
२६. शैलेष ९९४४९
२७. शोभा भालवीय ९४६८८
२८.एचबी शर्मा १७५४८२
२९. विकास वाहने ९७५२८ शामिल हैं।

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