
दुर्ग . बेशकीमती जमीन का मूल्य कम दिखाकर रजिस्ट्री करने वाली उप पंजीयक पुष्पलता बेग के खिलाफ एसीबी ने एफआईआर दर्ज किया है। महिला अधिकारी के खिलाफ धोखाधड़ी कर शासन को क्षति पहुंचाने की धारा १३(१) डी के तहत प्रकरण बनाया गया है। उपपंजीयक की वजह से शासन को ६.७८ लाख रुपए की क्षति हुई है।
क्रेता और विक्रेता को 6.78 लाख रुपए का लाभ पहुंचाया
सरकारी जमीन को नियम विरुद्ध तरीके से रजिस्ट्री करने का मामला अभी सुलझा भी नहीं कि एसीबी ने पंजीयन कार्यालय के उप पंजीयक पुष्पलता बेग के खिलाफ एफआईआर दर्ज किया है। जानकारी के मुताबिक उपपंजीयक ने क्रेता और विक्रेता से मिली भगत कर जमीन के निर्धारित सरकारी मूल्य से कम आकते हुए रजिस्ट्री करा दी। जांच में पाया गया कि उपपंजीयक ने जमीन क्रेता और विक्रेता को ६.७८ लाख रुपए का लाभ पहुंचाया है। जमीन सिकोला क्षेत्र में है। खसरा नंबर २५ -१ का टुकड़ा है। जमीन का क्षेत्रफल ०.७३५ हेक्टेयर है। इस जमीन की रजिस्ट्री वर्ष२०१६ में किया गया है।
जमीन बेचने वाला शहर का प्रमुख ठेकेदार
एसीबी के अधिकारियों ने बताया कि जिसने जमीन बेचा है वह शहर का प्रतिष्ठित ठेकदार है। जमीन सुभाष बाफना के नाम पर थी। उसने ही उपपजीयक से सांठगांठ कर जमीन की कीमत कम आंकी और तीन लोगों के नाम रजिस्ट्री करवाई।
जमीन की कीमत 1.26 करोड़
जानकारी के मुताबिक गाइडलाइन के अनुसार जमीन की कीमत १.२६ करोड़ है। स्टांप ड्यूटी बचाने के लिए जमीन की कीमत केवल ९७ लाख बताया। जमीन की कीमत कम आकने से जमीन खरीदी बिक्री में ६.७८ लाख रुपए शासन को क्षति हुई।
जमीन कारोबारी ने की थी शिकायत
इस मामले में जमीन कारोबारी डिपरा पारा निवासी लाखन सिंह ने एसीबी में शिकायत की थी। इस गंभीर शिकायत की जांच एसीबी के अधिकारी एक माह से कर रहे थे। शिकायत प्रमाणित होने पर एसीबी ने गुरुवार को इस मामले में अपराध दर्ज किया।
जांच में प्रथम दृष्टया गड़बड़ी पाई गई
एसीबी के डीएसपी एसके सेन ने बताया कि मामले में हमारे पास शिकायत आई थी। शिकायत लाखन सिंह राजपूत ने की थी। जांच में प्रथम दृष्टया गड़बड़ी पाई गई है। इस मामले में उप पंजीयक पुष्पलता बेग को आरोपी बनाया गया है।
Published on:
10 May 2018 11:04 pm
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