
अपर संचालक, संचालनालय, नगरीय प्रशासन व विकास, रायपुर ने नगर निगम, भिलाई के स्वास्थ्य अधिकारी धर्मेंद्र मिश्रा को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। वीडियो कॉफ्रेंसिंग के माध्यम से की गई समीक्षा में निम्न तथ्य संज्ञान में आया। सेग्रीगेटेड डोर टू डोर कलेक्शन का अभाव है। इसमें पहला एसएलआरएम सेंटरों में वेस्ट प्रोसेसिंग का अभाव। दूसरा वेस्ट डम्पिंग की जानकारी मिली। 7 दिनों के भीतर इस नोटिस का उनको जवाब देना है, वर्ना उनके खिलाफ एकतरफा कार्रवाई कर दी जाएगी।
नोटिस में बताया गया है कि नगरीय क्षेत्र में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के कार्य के लिए मिशन क्लीन सिटी योजना के तहत विस्तृत दिशा निर्देश प्रसारित किए गए हैं। इसके अनुक्रम में आउटकम के मूल्यांकन के लिए शासनादेश 6 जून 2023 लक्ष्य तय किया गया। निकाय की समीक्षा के दौरान उपरोक्त शासनादेशों के अपालन का तथ्य परीलक्षित हुआ है।
नोटिस में कहा गया है कि उपरोक्त कृत्य पदेन दायित्वों के निर्वहन में लापरवाही व उदासीनता को इंगित करता है। इसका कारण स्पष्ट करें कि छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण व अपील) नियम 1966 व छत्तीसगढ़ नगर निगम (अधिकारियों व कर्मचारियों की नियुक्ति तथा सेवा के निबंधन व शर्ते) नियम 2018 के तहत क्यों न भिलाई निगम के स्वास्थ्य अधिकारी के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई प्रस्तावित की जाए।
उन्होंने भिलाई निगम के स्वास्थ्य अधिकारी को 7 दिनों के भीतर जवाब अनिवार्य तौर पर भेजने कहा है। समय पर उत्तर प्राप्त नहीं होने पर यह समझा जाएगा कि वे अपने बचाव पक्ष में कुछ नहीं कहना चाहते हैं। तब एकपक्षीय कार्रवाई की जाएगी।
नगर निगम, भिलाई के नेता प्रतिपक्ष भोजराज भोजू ने नगरीय प्रशासन मंत्री, छत्तीसगढ़ शासन से शिकायत की थी कि नगर निगम, भिलाई के सफाई कार्यों में करोड़ों के भ्रष्टाचार की जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों व एजेंसी के खिलाफ कार्रवाई की जाए। भिलाई निगम ने सफाई कार्य के लिए प्रत्येक जोन में अलग-अलग निविदा आमंत्रित करते हुए मे. अर्बन इनवायरो वेस्ट मैनेजमेंट लिमिटेड, नागपुर को कार्यादेश जारी किया गया है। इसमें जोन 1 से जोन 5 तक 36,54,98,580 रुपए का कार्यादेश जारी किया गया है। नियम शर्तों की कंडिका 30 में उल्लेख किया है कि जोन के प्रत्येक वार्डों में कम से कम डोर टू डोर कचरा संग्रहण व परिवहन, नाली, सड़क बाजार, साफ-सफाई कार्य के लिए 26 प्लस 4 साप्ताहिक अवकाश सहित वार्ड में निर्धारित संख्या में सफाई कामगार के अलावा सुपरवाइजर उपलब्ध कराना अनिवार्य होगा। कंपनी किसी भी वार्ड में 22, 23 श्रमिक कार्यरत रहते हैं। इसके अलावा 50 सफाई कामगार का अलग से गैंग रखना होगा। अतिरिक्त गैंग भी नहीं रखा गया है। यह शिकायत की गई है।
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Published on:
13 May 2024 08:53 pm
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