संस्था कर रही नेक काम, बचा रही संस्कृति,
भिलाई. आर्थिक तंगी किसी बच्चों के पढ़ाई में आड़े न आए। इसके लिए आर्किटेक्ट इंजीनियर समीना फखरुद्दीन ने सहाबा नाम से एक संस्था शुरू किया। यह संस्था आर्थिक तौर पर कमजोर वर्ग के बच्चों को गोद लेकर उनके पढ़ाई से संबंधित खर्च को उठाता। इस तरह से बच्चे की रुचि जिस क्षेत्र में होती, वह उस दिशा में बिना तनाव के पढ़ाई कर रहा है। इसके साथ-साथ बच्चों को अपनी संस्कृति से जुड़े रहने के लिए प्रोत्साहित भी करती है। इस नेक काम में उनका साथ पति फारूखी ने दिया।
25 से अधिक बच्चों को लिया गोद
आर्थिक तौर पर कमजोर वर्ग के अब तक 25 से अधिक बच्चों को गोद लेकर उनके पढ़ाई का खर्च संस्था पूरा कर रही है। इसमें से कुछ बच्चों की पढ़ाई पूरी होने के बाद उनका जॉब भी लग चुका है। वे इस संस्था के अन्य बच्चों के साथ जुड़ गए हैं। एक दूसरे के साथ मिलकर चल रहे हैं।
बच्चों का यहां किया जाता है चयन
बच्चों का चयन भिलाई की ही इकरा संस्था के प्रमुख क्यूए खान व कमेटी के पदाधिकारी के माध्यम से किया जा रहा है। इकरा संस्था बच्चों का नाम सहाबा संस्था को भेज देती है। इसके बाद सहाबा संस्था उन बच्चों को गोद लेकर पढ़ाई का सारा खर्च उठा लेती है। इसमें बच्चों के स्कूल की फीस, स्कूल के कपड़े, किताब, कापी सभी शामिल होते हैं।
एक परिवार की तरह जुड़ गए सारे
सहाबा संस्था ने नेकी के इस काम को 2010 में शुरू किया था। 13 साल के दौरान संस्था ने शुरूआत में जिन बच्चों को गोद लिया था, वे पढ़ाई पूरी कर अब जॉब कर रहे हैं। वे एक दूसरे के साथ एक ग्रुप में जुड़े हुए हैं। एक दूसरे के हित में जॉब व पढ़ाई से संबंधित जानकारी शेयर करते हैं। अच्छे, बुरे में सभी एक साथ एकत्र होते हैं। परिवार की तरह वे एक दूसरे का साथ दे रहे हैं। पढ़ाई के साथ-साथ यह संस्था बच्चों को अपनी संस्कृति से जुड़े रहने के लिए प्रोत्साहित करती है, इसके लिए समय-समय पर अलग-अलग त्योहार में सभी एकजुट होते हैं।
अपने पैरों पर हो गए खड़े
एक युवक इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी करने के बाद निजी कंपनी में जॉब कर रहा है। एक युवती नर्सिंग की शिक्षा पूरी करने बाद अब कोरबा के अस्पताल में सरकारी नौकरी कर रही है। एक युवक पढ़ाई पूरी करने के बाद सॉफ्टवेयर इंजीनियर के तौर पर नौकरी कर रहा है। वहीं एक युवक एक बड़ी निजी कंपनी में असिस्टेंट इंजीनियर के तौर पर जॉब कर रहा है। एक युवक ऑपरेटर के तौर पर एक कंपनी में काम कर रहा है। एक युवती नर्सिंग कोर्स पूरा करने के बाद बेमेतरा में एनएचएम के पद पर काम कर रही है।