
दुर्ग . प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पूर्व अध्यक्ष व पूर्व सांसद चरणदास महंत रविवार को अचानक पद्मनाभपुर स्थित विधायक अरुण वोरा के निवास पहुंचे। यहां वोरा से बंद कमरे में करीब घंटेभर गुफ्तगू कर और सीधे दिल्ली के लिए रवाना हो गए। दोनों नेताओं के बीच बंद कमरे में क्या बात हुई, इसका खुलासा तो नहीं हुआ है, लेकिन इस मुलाकात प्रदेश में संभावित नई राजनीतिक समीकरण से जोड़कर देखा जा रहा है।
सीडीकांड के बाद प्रदेश कांग्रेस में नेतृत्व परिवर्तन की चर्चा
गौरतलब है कि सीडीकांड के बाद प्रदेश कांग्रेस में नेतृत्व परिवर्तन की चर्चा चल रही है, वहीं महंत भी मुख्यमंत्री पददावेदारी के इच्छुक बताए जा रहे हैं। ऐसे में वोरा के घर उनके अचानक आगमन को राष्ट्रीय नेतृत्व के भरोसेमंद व प्रदेश की राजनीति में सर्वाधिक प्रभावकारी माने जाने वाले वोरा खेमे में घुसपैठ की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।
महंत दोपहर करीब दो बजे अचानक वोरा निवास पहुंचे। इस दौरान वोरा के अलावा उनके कुछ समर्थक भी निवास पर मौजूद थे। वोरा व उनके समर्थकों ने महंत का गर्मजोशी से स्वागत किया। महंत ने कार्यकर्ताओं के साथ नाश्ता भी किया। इसके बाद वोरा के साथ बंद कमरे में चले गए। यहां दोनों के बीच करीब एक घंटे तक बातचीत हुई। वोरा की माने तो इस दौरान महंत ने संभाग के एक-एक विधानसभा की जानकारी ली और संगठनात्मक गतिविधियों की चर्चा की। इसके अलावा पूरी ताकत से चुनाव की तैयारियों में जुट जाने के लिए कहा। महंत के अचानक जिले के संगठनात्मक गतिविधियों में रूचि को भी प्रदेश नेतृत्व में परिवर्तन की चर्चा से जोड़कर देखा जा रहा है। हालांकि वोरा ने प्रदेश के नेतृत्व को लेकर किसी भी तरह की बात से इंकार भी किया है।
कयास की वजह यह भी
महंत पहले ही प्रदेश अध्यक्ष का दायित्व संभाल चुके हैं। राजनीतिक अनुभव के लिहाज से सर्वाधिक वरिष्ठों में हैं। इसके अलावा पिछली बार दिवाली में सांसद मोतीलाल वोरा के छत्तीसगढ़ प्रवास के दौरान उन्होंने राजधानी में ऐतिहासिक स्वागत भी किया था। वहीं अब अचानक उनकी सक्रियता भी बढ़ी है। इसलिए वोरा से मुलाकात पर नई राजनीतिक संकेत के कयास लगाए जा रहे हैं।
वोरा को बड़े दायित्व की भी चर्चा
महंत के आगमन और बंद कमरे में गुफ्तगू के बाद से वोरा को प्रदेश में बड़ा दायित्व दिए जाने को लेकर भी चर्चा छिड़ गई है। चर्चा के दौरान वोरा के घर मौजूद कार्यकर्ता भी इसे लेकर आशांवित है। कार्यकर्ताओं की मानें तो प्रदेश नेतृत्व में परिवर्तन किया जाता है तो विधायक अरुण वोरा को नया प्रदेश अध्यक्ष बनाया जा सकता है। हालांकि वोरा ने इसकी संभावना को खारिज कर दिया है।
Published on:
26 Nov 2017 11:22 pm
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