
बड़ी खबर: चंदूलाल अस्पताल-मेडिकल कॉलेज सीज, अस्पताल के नाम पर मिली जमीन बंधक रख लिया था डेढ़ अरब का लोन
भिलाई. डेढ़ अरब का कर्र्ज नहीं चुका पाने के कारण इंडियन बैंक (Indian Bank) ने नेहरू नगर चौक स्थित चंदूलाल चंद्राकर मेमोरियल हॉस्पिटल और कचांदुर के मेडिकल कॉलेज (Chandulal Chandrakar Memorial medical college Bhilai) बिल्डिंग व ओपन लैंड को अपने आधिपत्य (सीज कर दिया है) में ले लिया है। बैंक प्रबंधन ने दोनों संस्थानों की बिल्डिंग में इसका नोटिस चस्पा कर दिया है। हालांकि फिलहाल अस्पताल में भर्ती मरीजों का उपचार व ओपीडी जांच की सुविधा जारी रहेगी।
भेजा था डिमांड नोटिस
सेक्टर-6, बी मार्केट स्थित इंडियन बैंक के चीफ मैनेजर रणवीर सिंह ने सेक्युरिफिशेसन एंड रिकंस्ट्रक्शन ऑफ फाइनेंसियल एसेट्स एंड इन्फोर्समेंट ऑफ सिक्योरिटी इंटे्रस्ट (सरेफेसी) एक्ट 2002 की धारा 13 (8) के तहत यह कार्रवाई की है। चंदूलाल चंद्राकर हॉस्पिटल प्रबंधन को 2 सितंबर 2019 को डिमांड नोटिस भी भेजा गया था, लेकिन 60 दिन की तय मियाद में प्रबंधन की ओर से सकारात्मक जवाब नहीं दिया गया। आखिर में बैंक प्रबंधन ने 30 दिसंबर सोमवार को बिल्डिंग में कब्जे का नोटिस चस्पा कर दिया।
बैंक ने ये संपत्ति की सीज
1 फरवरी 1996 को अनुबंध किए गए चंदूलाल चंद्राकर मेमोरियल हॉस्पिटल की सभी लीज होल्ड लैंड और हॉस्पिटल बिल्डिंग।
क्षेत्रफल- 12025 वर्ग मीटर
चंदूलाल चंद्राकर मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल में मेडिकल कॉलेज, हॉस्पिटल लैंड, बिल्डिंग, ऑडिटोरियम, नर्सेस हॉस्टल, स्टॉफ क्वार्टर, अन्य सभी इंफ्रास्ट्रक्चर जो कॉलेज प्रबंधन के नाम से है।
लगभग 25 एकड़ (10.18 हेक्टेयर) जमीन
मेडिकल छात्रों का भविष्य दांव पर
बैंक प्रबंधन द्वारा कॉलेज बिल्डिंग और पूरे इन्फ्रास्ट्रक्चर को तत्काल प्रभाव से अपने कब्जे में ले लेने से चंदूलाल चंद्राकर मेडिकल कॉलेज में पढ़ाई कर रहे लगभग 350 छात्र-छात्राओं का भविष्य दांव पर लग गया है। हाईकोर्ट ने सशर्त प्रवेश की अनुमति दी थी। कॉलेज प्रबंधन के पास स्वयं का इन्फ्रास्ट्रक्चर नहीं होने से छात्रों की मुश्किलें बढ़ जाएगी।
लीज जमीन पर कैसे ले लिया करोड़ों का लोन
चंदूलाल चंद्राकर मेमोरियल अस्पताल निगम (पूर्व में साडा) की लीज की जमीन पर बना है। जिले के गरीबों को रियायती दर पर चिकित्सा सुविधा मुहैया कराने की शर्त पर यह जमीन टोकन दर (5 रुपए प्रति वर्ग फूट) पर दी गई है। इसका बाजार दर के हिसाब से मूल्यांकन कर जमीन का बंधक रखकर लोन लिया गयाहै। इसके लिए नगर निगम से अनुमति भी जरूरी है।
Published on:
31 Dec 2019 11:29 am

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