निकासी व्यवस्था ठप,
भिलाई. बारिश की पहली झड़ी से शहर में जलजमाव की स्थिति बन गई है। बारिश के पानी की निकासी को लेकर की गई व्यवस्था ठप पड़ गई है। यह पहली बार नहीं हो रहा है। निगम क्षेत्र में हर साल बारिश का पानी ऐसे ही जमा हो जाता है। इस साल निर्माणाधीन फ्लाइओवर के साथ-साथ बन रही नालियों के अधूरे होने की वजह से राष्ट्रीय राजमार्ग में भी पानी एकत्र हो गया है। राहगीरों को वाहन चलाने में इसकी वजह से दिक्कत हो रही है। सबसे अधिक परेशान दोपहिया वाहन चालक हो रहे हैं।
अंडरब्रिज में जमा होने लगा पानी
सुबह के वक्त जब बारिश तेज होने लगी तब, चंद्रा-मौर्या अंडरब्रिज में पानी जमा होने लगा। इसे पंप शुरू कर निकाला गया। यहां कुछ देर बारिश होने के बाद ही पानी एकत्र होने लगता है। सुपेला रेलवे फाटक बंद होने की वजह से चंद्रा-मौर्या और प्रियदर्शनीय परिसर अंडरब्रिज में सुबह से लेकर शाम तक वाहनों का दबाव बना रहता है। इस वजह से पंप से पानी निकासी के लिए यहां कर्मियों को तैनात रखा जाता है।
राष्ट्रीय राजमार्ग में एकत्र हुआ पानी
राष्ट्रीय राजमार्ग में नाली का निर्माण कार्य अधूरा है। इस वजह से दुर्ग से रायपुर जाने वाले मार्ग में डबरापारा से पहले पानी जमा हो जाता है। यहां दोपहिया वाहन चालकों को पानी एकत्र हो जाने की वजह से चलना मुश्किल हो जाता है। इसी तरह से पावर हाउस फ्लाइओवर रायपुर से दुर्ग की ओर जिस स्थान पर उतर रहा है। उसके पास पानी एकत्र हो रहा है। इसकी वजह से यहां भी राहगीर परेशान होते हैं।
लक्ष्मी मार्केट रोड में आ गया नाली का पानी
बारिश होने के साथ ही लक्ष्मी मार्केट में रोड पर नाली का गंदा पानी भर गया। यहां हर साल बारिश होते ही निकासी व्यवस्था दुरुस्त नहीं होने की वजह से नाली का गंदा बदबूदार पानी सड़क पर आ जाता है। वैसे ही इस साल भी गंदा पानी सड़क पर आ गया। इससे यहां से गुजरने वालों को जहां परेशानी हो रही थी। वहीं इस सड़क पर मौजूद दुकानदारों को भी दुकान खोलना किसी चुनौती से कम नहीं था। नाली का गंदा पानी लोगों के दुकानों तक पहुंच रहा था।
ट्रांसपोर्ट नगर के वाहन पार्किंग स्थल पर एकत्र हुआ पानी
ट्रांसपोर्ट नगर, हथखोज में भी बारिश का पानी जिस मैदान में भारी वाहनों को पार्क किया जाता है, वहां एकत्र हो गया। इससे भारी वाहनों को सड़कों व गलियों पर ही खड़ा करना पड़ा है। गदा चौक से सुपेला चौक जाने वाले रास्ते में जमा हुआ पानी गदा चौक से सुपेला चौक के मध्य बारिश का पानी हर साल की तरह इस वर्ष भी जमा हो गया है। पानी निकासी की व्यवस्था बेहतर नहीं होने के कारण यहां पानी जमा हो जाता है। निगम की ओर से इसकी निकासी की व्यवस्था नहीं की जाती, जिसके कारण तीन माह तक व्यापारियों का व्यापार ठप रहता है।