
महापौर ने पूछा नोटिस दिए 48 घंटे भी नहीं हुए हैं और कार्रवाई कैसे हो रही ? अफसर बगले झांकने लगे
भिलाई. नगर पालिक निगम और जिला प्रशासन की ओर से शुक्रवार को खुर्सीपार केनाल के किनारे कब्जाधरियों के खिलाफ तोडफ़ोड़ अभियान चलाया गया। निगम की ओर से अचानक अभियान चलाए जाने के कारण तोड़ूदस्ते को भारी विरोध का सामना करना पड़ा। कब्जाधारियों ने प्रशासन से कब्जा हटाने मोहलत की मांग की, जिसे प्रशासन ने मना कर दिया। निगम ने केनाल के किनारे से 11 मीटर की जद में आने वाले मकानों को तोडकर कब्जा खाली कराया गया।
महापौर पहुंचे प्रभावितों से मिलने
खुर्सीपार केनाल रोड में तोडफ़ोड़ की कार्रवाई की जानकारी लगते ही प्रभावितों से मिलने पहुंचे महापौर देवेंद्र यादव ने पहले व्यवस्थापन की मांग की। उन्होंने कहा कि व्यवस्थापन के बाद ही तोडफ़ोड़ की कार्रवाई की जाए। उन्होंने शिवाजी नगर जोन कमिश्नर संजय शर्मा से कहा कि पहले इन लोगों को व्यवस्थापन दो, इसके बाद कार्रवाई करना। उन्होंने कहा कि 48 घंटे पहले ही इन्हें नोटिस दिया गया है और कैसे तोडऩे कैसे पहुंच गए। मेयर के सवाल का जवाब अफसर नहीं दे पाए। उन्होंने मौके पर ही एसडीएम एसपी वैद्य और तहसीलदार अश्वनी शर्मा से कार्रवाई के संबंध में चर्चा की। उन्होंने व्यवस्थापन के बाद ही कार्रवाई के लिए कहा है।
28.85 करोड़ की लागत से 3 किमी केनाल के ऊपर बायपास
बता दें कि खुर्सीपार नंदिनी रोड पावर हाउस तक 28.85 करोड़ की लागत से 3 किमी केनाल के ऊपर बायपास बनाया जा रहा है। तीन किमी तक (डबरापारा से नंदिनी रोड करूणा अस्पताल तक) पहले फेज़ में काम होगा। सड़क 14 मीटर की टू लेन होगी। एक लेन सात-सात मीटर की होगी। दो मीटर में सड़क से अलग पाथवे होगा। जिस पर लोग पैदल चल सकेंगे। वहीं एक मीटर ट्यूबलर पोल डिवाइडर के लिए रहेगा। जहां एलईडी लाइट लगेगी।
150 को पीएम आवास
निगम अधिकारियों की मानें तो 600 कब्जाधारियों का एक से लेकर पांच फीट तक का मकान केनाल पर है। वहीं 150 ऐसे घर है जिनका पूरा कब्जा केनाल पर है। 40 लोगों ने केनाल की जमीन पर दुकानें बना ली हैं। उन्हें हटाया जाएगा। 150 लोगों को पीएम आवास योजना के तहत लाभान्वित किया जाएगा। 50 फीसदी लोगों ने कब्जा खाली कर पीएम आवास के लिए रजिस्ट्रेशन भी करा लिए हैं।
Published on:
1 Jun 2018, 4:12 PM IST
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