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Breaking: बायपास बनाने निगम ने ढहाया मशहूर तीन मंजिला होटल, देखते रह गए लोग

inनंदिनी रोड पावर हाउस भिलाई स्थित तीन मंजिला होटल को तोडऩे में निगम प्रशासन और पुलिस प्रशासन को काफी मशक्कत करना पड़ा।

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भिलाई

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Dakshi Sahu

Apr 09, 2018

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भिलाई. नगर पालिक निगम प्रशासन ने अवैध निर्माण के खिलाफ तोडफ़ोड़ की बायपास रोड निर्माण में बाधक साबित हो रहे होटल रितु फोर्ट को निगम ने ढहा दिया। नंदिनी रोड पावर हाउस भिलाई स्थित तीन मंजिला होटल को तोडऩे में निगम प्रशासन और पुलिस प्रशासन को काफी मशक्कत करना पड़ा। भवन को ढहाने के लिए किराए पर चैन माउंटेन मशीन भी बुलाना पड़ा। छह घंटे की मेहनत के बाद तीन मंजिला भवन को ढहाने में सफलता मिली।

निगम के कर्मचारियों ने बैकहो लोडर से ग्राउंड फ्लोर को तोडऩा शुरू किया। डेड़ घंटा तक होटल के सामने हिस्से के दीवारों को तोड़ते रहे। इससे उपरी हिस्सा नीचे गिरने की कोई गुजाइंश नहीं बनी। तब चैन माउंटेन मशीन बुलाया गया। मशीन से दीवार को छोटे-छोटे हिस्से में तोड़कर नीचे गिराते गए। आखिरी में कॉलम को तोड़कर छत को गिराने का प्रयास कर रहे हैं।

नंदनी रोड पर लगा जाम
तोडफ़ोड़ की कार्रवाई की वजह से नंदिनी रोड पर पावर हाउस चौक तक वाहनों की लंबी कतार लग गई थी। छावनी पुलिस के जवानों ने सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए देना बैंक से लेकर होटल रितु फोर्ट तक सुरक्षा घेर बनाया। टै्रफिक को वन-वे में डायवर्ट किया। मौके पर भिलाईनगर तहसीलदार अश्वनी शर्मा, जोन-४ के संजय शर्मा, सहायक राजस्व निरीक्षक हरचरण सिंह अरोरा, वीके सैमुवल, भवन अनुज्ञा विभाग के सहायक अभियंता दौलत चंद्राकर, तोडफ़ोड़ विभाग प्रभारी यतीन्द्रनाथ देवांगन मौजूद रहे।

खुर्सीपार केनाल रोड निर्माण मे
होटल रितु फोर्ट के मालिक ने हाईकोर्ट ने नगर पालिक निगम प्रशासन की ओर से तोडफ़ोड़ की कार्रवाई के नोटिस को हाईकोर्ट बिलासपुर में चुनौती दीथी। न्यायालय ने याचिकाकर्ता संगीता कश्यप पति कृपा कश्यप ने नंदनी रोड पावर हाउस के होटल को निजी बताते हुए न्यायालय से तोडफ़ोड़ की कार्रवाई पर रोक लगाने की मांग की थी।

उनकी मांग पर न्यायालय ने फरवरी में स्थगन आदेश जारी किया था, लेकिन बाद में निगम प्रशासन ने न्यायालय में जवाब प्रस्तुत कर स्टे को हटाने की मांग की। होटल की जमीन को शासकीय होना बताया। खुर्सीपार से नंदनी रोड तक बायपास रोड निर्माण में होटल को बाधक बताए हुए तोडऩे की अनुमति देने की मांग की थी।

न्यायालय ने निगम के पक्ष में फैसला दिया। न्यायालय के आदेश के मुताबिक निगम आयुक्त केएल चौहान ने शनिवार को बार संचालक के नाम नोटिस जारी किया। सोमवार की सुबह तक मकान खाली करने के निर्देश दिए थे।निर्देश के मुताबिक मकान मालिक ने सामान खाली कर दिया था।

सरकारी जमीन पर है कब्जा
निगम की ओर से प्रस्तुत जवाब में यह कहा गया है कि जमीन निजी नहीं है। जिस व्यक्ति ने याचिका दायर की है। जमीन उसके नाम पर भी नहीं है। जमीन लीज पर भी नहीं है। बीयर बार का संचालक भी जगह का मालिक नहीं है। केवल ३१० फीट जमीन आवंटित है, लेकिन १२०० फीट जमीन पर कब्जा है।

कब्जा की वजह से खुर्सीपार से नंदनी रोड तक प्रस्तावित बाइपास निर्माण प्रभावित हो रही थी। निगम ने नोटिस देने के बाद तोडफ़ोड़ की पहला कार्रवाई की थी। इसी तरह केनाल रोड निर्माण में बाधक साबित हो रहे २९१ मकान और दुकानों को भी तोड़ा जाएगा।

बार लाइसेंस का नहीं किया नवीनीकरण
जिला आबकारी विभाग ने बीयर बार का एफएल-३ लाइसेंस का नवीनीकरण नहीं किया है। इसलिए बार संचालक ने मुख्य सचिव, नगर पालिक निगम, जिला आबकारी विभाग को भी पार्टी बनायाथा।