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भिलाई नागरिक सहकारी बैंक के अच्छे दिन आएंगे, शासन ने माफ किया डेढ़ करोड़ ब्याज

राज्य शासन ने 10 साल पहले भिलाई नागरिक सहकारी बैंक को घाटे से उबरने दिए दो करोड़ के ऋण का ब्याज एक करोड़ 45 लाख भी माफ कर दिया।
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भिलाई

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Satya Narayan Shukla

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Updated: 27 Jun 2018, 9:51 PM IST

Bhilai news

भिलाई नागरिक सहकारी बैंक के अच्छे दिन आएंगे, शासन ने किया डेढ़ करोड़ ब्याज माफ

भिलाई. राज्य शासन ने 10 साल पहले भिलाई नागरिक सहकारी बैंक को घाटे से उबरने दिए दो करोड़ के ऋण का ब्याज एक करोड़ 45 लाख 87 हजार 68 रुपए भी माफ कर दिया है। शासन ने यह फैसला मंगलवार को हुई कैबिनेट की बैठक में किया।

बैंक का नॉन परफॉर्मेंस एसेट्स (एनपीए) अधिक होता गया

14 साल पहले नियमों को ताक पर रखकर मनमानी कर्ज देने और उसकी वसूली नहीं कर पाने के कारण इस बैंक का नॉन परफॉर्मेंस एसेट्स (एनपीए) अधिक होता गया। आखिर में बैंक घाटे में चला गया। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने बैंक के लेन-देन पर रोक लगा दी और संचालक मंडल को भंग कर बैंक के संचालन के लिए सहकारिता विभाग से प्राधिकृत अधिकारी नियुक्त किए गए। बैंक के संचालक मंडल के अध्यक्ष हरिश्चंद्र सिंह ने बताया है कि इसके बाद से बैंक 6 सितंबर 2006 से आरबीआई द्वारा बैंकिंग रेग्युलेशन एक्ट 1949 की धारा 35 (ए) के अंतर्गत जारी दिशाधीन कार्य कर रही थी। आरबीआई द्वारा जारी निर्देशों के प्रत्याहरण को बीआर एक्ट की धारा 11 (1) का पालन सुनिश्चित करने एवं बैंक की पूंजी पर्याप्तता (सीआरएआर) जो उस समय ऋणात्मक थी उसे धनात्मक करने बैंक की अंश पूंजी में वृद्धि करना आवश्यक था। इसके लिए बैंक ने राज्य शासन ने आग्रह किया।

शासन ने आकस्मिकता निधि से दिए थे 2 करोड़
23 जनवरी 2008 को तत्कालीन विधानसभा अध्यक्ष पांडेय के प्रयास से ही बैंक को छत्तीसगढ़ शासन से आकस्मिकता निधि से 2 करोड़ रुपए प्राप्त हुए। उक्त राशि को शासन की अंशपूंजी के रूप में आरबीआई को अवगत कराया गया। इसके बाद 29 अप्रैल 2008 को आरबीआई ने प्रत्याहरण किया।

ऐसे बढ़ गया ब्याज का बोझ
अक्टूबर 2010 में शासन ने बैंक प्रबंधन को पत्र भेजकर उक्त 2 करोड़ की राशि को ऋण के रूप में दर्शाया गया। उस पर 10.50 प्रतिशत की दर से ब्याज और दंड ब्याज 3 प्रतिशत निर्धारित कर बैंक को मांग पत्र भेजा गया। बैंक प्रबंधन ने उक्त राशि चुकाने में असमर्थता जाहिर करते हुए ब्याज माफ के लिए शासन से आग्रह किया। पांडेय की पहल पर एक बार फिर 1 करोड़ 35 लाख 19 हजार 397 रुपए ब्याज एवं 10 लाख 67 हजार 671 रुपए दंड ब्याज कुल 1 करोड़ 45 लाख 87 हजार 68 रुपए माफ कर दिया गया।

बैंक के हालात अब और बेहतर होंगे
संचालक मंडल के अध्यक्ष, उपाध्यक्ष सुशील कुमार कटियार व मंडलीन गहिने, संचालक रविंद्र भगत और फेडरेशन के अध्यक्ष तरुण कुमार श्रीवास्तव ने राजस्व मंत्री प्रेम प्रकाश पांडेय की पहल के लिए आभार माना है। बैंक के करीब 18 हजार अंशधारकों और कर्मियों ने भी विश्वास जताया है कि बदहाली के बाद धीरे-धीरे पटरी पर आ रहे बैंक के हालात अब और बेहतर होंगे।