
National Sports Day: गुब्बारे बेचने वाली की दो बेटियां बनीं कबड्डी की नेशनल प्लेयर, जब पिता के हाथ में रखा गोल्ड मेडल तो...
भिलाई . भिलाई की सड़कों पर संजना और मोनिका के पिता बाबूलाल घूम-घूम कर गुब्बारे बेचते हैं। 6 बहन और 2 भाई वाले बड़े परिवार को पालना आसान नहीं था। किसी तरह दो बहन की शादी हो गई और बाकी बची चार बहनें और दो भाई। जुड़वा बेटी संजना और मोनिका ने कुछ अलग करने की ठानी और खुर्सीपार के सरकारी स्कूल में अपनी सीनियर की सलाह पर कबड्डी मैदान पहुंची। सात साल पहले दोनों बहनों ने खेलना शुरू किया।
कोच छाया प्रकाश ने जब उनकी मेहनत और संघर्ष को देखा तो उन्होंने भी इन बहनों को कोचिंग देनी शुरू की। सात साल में 11 नेशनल के साथ 7 बार पदक जीत चुकी संजना बताती हैं कि पहली बार नेशनल में गोल्ड मेडल के साथ 21 हजार रुपए कैश अवार्ड मिला तो वह उसे लेकर सीधे पिताजी के पास पहुंची। पहली बार खेल से जीती रकम को देख पिता की आंखें भीग गई।
खेलो इंडिया के ट्रायल में हुआ नाम शामिल
संजना बताती हैं कि इतने बड़े परिवार में दो वक्त की रोटी जुगाडऩा मुश्किल था तो उनकी स्पेशल डाइट के लिए तो कोई जगह ही नहीं थी। केवल दाल-चावल खाकर उन्होंने खुद को मजबूत किया। पिछले वर्ष हुए खेलो इंडिया के ट्रायल में उनका भी नाम शामिल था। मन में निश्चय किया चाहे जो हो वहां बेस्ट परफार्मेस देना ही है। बस क्या था सलेक्शन लिस्ट में उसका नाम शामिल हो गया, पर जब बहन मोनिका का नाम नहीं आया तो अफसोस हुआ, क्योंकि वह उससे अच्छी खिलाड़ी है, पर ट्रायल के दिन घुटने की चोट की वजह से अपना बेस्ट नहीं दे पाई। संजना ने बताया कि दोबारा ट्रायल में मोनिका को फिर से मौका मिला पर अब तक उसकी सूची जारी नहीं हुई। संजना अब हिमाचल के धर्मशाला की कबड्डी एकेडमी में अगले चार साल तक रहकर अपने खेल को निखारेगी।
Published on:
29 Aug 2020 03:32 pm
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