
भारत की सबसे कम उम्र की स्टोरी टेलर बनी भिलाई की नायरा, महज 6 साल में इंडिया बुक ऑफ रेकॉर्ड में दर्ज हुआ नाम
भिलाई. नाम नायरा रंगारी। कक्षा पहली। उम्र महज 6 साल, लेकिन प्रतिभा ऐसी कि आपका भी दिल खुश हो जाए। जिस उम्र में नन्हे बच्चों को कहानियां सुनने में दिलचस्पी होती है, नायरा ने सुनाने में रखी। पद्मनाभपुर दुर्ग की रहने वाली इस बिटिया का नाम सबसे कम उम्र की स्टोरी टेलर के रूप में इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड में दर्ज किया गया है। रेकॉर्ड में 25 सितंबर को नायरा का नाम जोड़ दिया गया। इंडिया बुक ऑफ रेकॉर्ड के लिए कुछ महीने पहले आवेदन मांगे गए थे, जिसमें नायरा का वीडियो बनाकर भेजा गया। इसके साथ ही पूर्व में उसकी प्रस्तुतियों का आंकलन करने के बाद भी बुक ऑफ रिकॉर्ड की ज्योरी ने उसे नामांकित किया। जज आधार पर सैकड़ों बच्चों की प्रतिभा को आंकने के बाद आखिरकार नायरा को सबसे कम उम्र की स्टोरी लेटर का खिताब दिया गया।
कैसे हुई नायरा की शुरुआत
नायरा के पिता धीरज रंगारी हिदायतुल्लाह लॉ यूनिवर्सिटी में पुस्तकालय सहायक के पद पर कार्यरत हैं, वहीं माता प्रतिभा भेले केंद्रीय विद्यालय दुर्ग में व्याख्याता हैं। रंगारी ने बताया कि रात को सोते वक्त रोजाना नायरा को एक कहानी सुनने की आदत थी। कुछ वक्त बाद उसने उन्हीं सुनी हुई कहानी को बेहद शानदार तरह से सुनाना शुरु कर दिया। मीठी जुबां में उसकी कहानियों ने कई मंच पर प्रस्तुतियां दी। इसके बाद पड़ोसियों ने बताया कि इस खूबी को बड़ा मंच देना चाहिए। फिर क्या था परिवार ने विभिन्न कहानी वाचन कार्यक्रमों में उसकी कहानियां शामिल की। ये सिलसिला इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड तक पहुंच गया।
इससे पहले मिले ये अवॉर्ड
- नायरा को इससे पहले बाल प्रतिभा सम्मान।
- हरे कृष्णा मूवमेंट, राजकीय कहानी प्रतियोगिता में पहला स्थान।
- ऑल राउंडर चाइल्ड अवॉर्ड।
- दुर्ग नगर निगम द्वारा कक्षा वाचक सम्मान।
Published on:
09 Nov 2020 12:15 pm

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