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अधिकारी बनने की परीक्षा के पैटर्न में ऐसा क्या बदलाव किया कि BSP के 16 हजार कर्मचारी हो गए नाखुश

स्टील ऑथारिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (सेल) कारपोरेट ऑफिस ने अगस्त में नई ई-जीरो पॉलिसी जारी की।

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भिलाई

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Dakshi Sahu

Dec 23, 2017

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भिलाई. स्टील ऑथारिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (सेल) कारपोरेट ऑफिस ने अगस्त में नई ई-जीरो पॉलिसी जारी की। नई पॉलिसी में बीएसपी कर्मचारी लगातार खामियां निकाल रहे हैं। इधर अधिकारी बनने के लिए कर्मचारियों ने कोचिंग तक ज्वाइन कर ली है।

सेल की नई ई-० पॉलिसी में सबसे बड़ा बदलाव ग्रेड एस-8 से ऊपर वालों को परीक्षा में बैठने का मौका मिलता था, उसे घटाकर एस-6 कर दिया गया। नई पॉलिसी में ई-जीरो परीक्षा में शामिल होने योग्यता के लिए एस-6 ग्रेड निर्धारित किया गया है।

कोर्ट तक पहुंचा मामला
2008 और 2010 की परीक्षा में शामिल कर्मियों का कहना है कि कंपनी उन्हें सही तरीके से जानकारी उपलब्ध नहीं कराती है। 2008 की परीक्षा में बैठे सभी कर्मियों के अंक सार्वजनिक किए गए थे। विसंगति को लेकर मामला कोर्ट तक पहुंच गया है।

इस मामले में कोर्ट में कई केस चल रहे हैं। वहीं 2010 में एक सॉफ्टवेयर की मदद ली गई, जिसमें कर्मी अपने ही अंक देख सकता था। इस मामले को लेकर दुर्गापुर से लेकर भिलाई तक अलग-अलग कोर्ट केस भी चल रहा है।

सीटों की संख्या कम
नई पॉलिसी में कुल एस-6 से एस-11 के मध्य योग्य उम्मीदवारों की संख्या के 2 प्रतिशत ही सीट पर प्रमोशन होगा। यह एक तरह से ऊंट के मुंह में जीरा साबित हो रहा है। जबकि बीएसपी के सीनियर कर्मियों को 6 साल के बैक लॉग को भरे जाने का इंतजार था। इससे कर्मियों में नाराजगी है।

कर्मियों का कहना है कि इसके पहले २००८ व १० में हुए इम्तिहान के दौरान देखा गया सर्कुुलर में ही स्पष्ट दर्ज होता था कि हिंदी और अंग्रेजी में परीक्षा ली जाएगी। यह स्पष्ट नहींहै। यूनियन भी मांग कर चुकी है कि ई-0 परीक्षा में शामिल होने वाले कर्मियों के लिए हिन्दी में रिफरेंस मेनुअल उपलब्ध कराया जाए।

परीक्षा के बाद तुरंत दी जाए कार्बन कॉपी
बीएसपी कर्मचारी चाहते हैं कि उनको परीक्षा होने के बाद तुरंत उत्तर पुस्तिका की कार्बन कॉपी दी जाए। जिससे वे खुद जांच सके कि कितना नंबर मिल रहा है। प्रबंधन प्रश्नों के सही उत्तर भी इंट्रानें पर दो दिनों में डाल दे। इसके साथ-साथ विभागों से मिलने वाले सीआर के नंबर भी बता दिए जाएं, जो उनको ओ, ए, बी व सी के आधार पर दिया जाता है।

अलग-अलग विषय में पास होना चुनौती
प्रबंधन २००८-१० में ई-0 परीक्षा में सभी विषयों में मिलने वाले अंक को जोड़कर पास कर रहे थे। नई पॉलिसी में चारों विषयों पर ४०-४० फीसदी अंक लाना होगा। इससे एक विषय में अधिकतम व दूसरे में ३९ फीसदी अंक लाने वालों को बाहर का रास्ता दिखा दिया जाएगा।

परीक्षा के नंबरों को लेकर भी नाराजगी
पूरी चयन परीक्षा में लिखित परीक्षा के अंकों का वेटेज 60 फीसदी होगा, इंटरव्यू 15 फीसदी तथा परफॉर्मेंस रेटिंग 9 फीसदी और अनुभव को 15 प्रतिशत का वेटेज दिए हैं। पहले यह क्रमश: 50, 20, 12 और 15 था। लिखित परीक्षा में जिन विषयों को शामिल किया गया है, उनमें कंपनी इन्फर्मेंशन, प्लांट स्पेसिफिक, जनरल प्लांट ऑपरेशन, रिजनिंग हैं। कर्मचारी तर्क दे रहे हैं कि यह टफ होगा। पहले सामान्य ज्ञान के प्रश्न आते हैं, उसके स्थान पर अब रिजनिंग के सवाल आएंगे, जो अधिक टफ होंगे।

पहले यह था परीक्षा का पैटर्न

वर्ष परीक्षा का तरीका प्रबंधन का रुख
2005 साक्षात्कार कोई आरटीआई नहीं
2008 लिखित व साक्षात्कार अंक सार्वजनिक किए
2010 लिखित व साक्षात्कार अंक सार्वजनिक नहीं