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Video : बोरिया गेट पर लगा जाम, इंटक ने किया वेतन समझौते की मांग को लेकर प्रदर्शन

भिलाई इस्पात संयंत्र के बोरिया गेट पर इंटक यूनियन ने बुधवार की सुबह कर्मियों के वेतन समझौते की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। स्टी
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भिलाई

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Dakshi Sahu

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Updated: 20 Dec 2017, 1:19 PM IST

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भिलाई. भिलाई इस्पात संयंत्र के बोरिया गेट पर इंटक यूनियन ने बुधवार की सुबह कर्मियों के वेतन समझौते की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। स्टील अथॉरिटी ऑफइंडिया लिमिटेड (सेल) के कर्मियों का वेज रिवीजन 1 जनवरी २०१७ से होना है। एक वर्ष होने को है अब तक इस विषय पर पहली बैठक तक प्रदर्शन के साथ नहीं हुई है।

नेशनल ज्वाइंट कमेटी फॉर स्टील (एनजेसीएस) व सेल प्रबंधन के मध्य कर्मियों के वेतन समझौते को लेकर बैठक होती है। सेल प्रबंधन ने इस विषय पर एनजेसीएस को दिसंबर 2017 तक बुलाया नहीं है। इससे कर्मियों में नाराजगी है। प्रदर्शनकारियों ने आखिर में बीएसपी आईआर विभाग के उप महाप्रबंधक एमएल सिन्हा को ज्ञापन सौंपा।

बीएसपी के बोरिया गेट पर सुबह 8 बजे के बाद जनरल शिफ्ट के दौरान बड़ी संख्या में कार्मिक पहुंच रहे थे। तब यूनिनय ने प्रदर्शन करते हुए उनको पर्चा भी दिया। जिसमें वेतन समझौता, मंथली इंसेंटिव स्कीम का रिवीजन करने के साथ-साथ आठ मांग शामिल हैं।

इस मौके पर महासचिव एसके बघेल ने कहा कि प्रबंधन एक्सपांशन प्रोजेक्ट में निवेश होने व प्रोजेक्ट के विलंब के कारण कंपनी पर पड़ रहे भार का बहाना बना कर वेतन समझौते में देरी कर रहा हैै।

डेली रिवार्ड स्कीम शुरू करने की मांग
यूनियन ने कर्मियों से कहा कि पुराने इंसेंटिव स्कीम के कारण कर्मियों को बहुत कम राशि इंसेंटिव के रूप में मिल रही है। इसके कारण कर्मियों का मनोबल गिर रहा है।

प्रबंधन ना तो इंसेंटिव स्कीम का रिविजन कर रहा है और ना ही अभी तक वेज रिविजन के लिए बैठक बुलाया है। पे पाकेट कम होने से कर्मियों में नाराजगी है। प्रबंधन से कई बार डेली रिवार्ड स्कीम शुरू करने मांग की गई, लेकिन शुरू नहीं किया जा रहा है।

खून पसीना बहाकर दिला रहे हैं लाभ
इस मौके पर यूनियन के वक्ताओं ने कहा कि रात दिन खूनपसीना बहाकर कर्मचारी बीएसपी को लाभ में लाकर खड़ा किए हुए हैं। प्रबंधन इसके लिएउनको प्रोत्साहित करने के स्थान पर सुविधा में कटौती करता जा रहा है।

नुकसान में रहने वाले प्लांट के कर्मियों को बेहतर सुविधा दी जा रही है। बीएसपी के कर्मियों को 6 दिन का सेल्फ सर्टिफाइड कम्यूटेड लिव दिया जा रहा है, जबकि राउरकेला में हर साल 10 दिन का कम्यूटेड लिव दिया जा रहा है।

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