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भिलाई इस्पात संयंत्र सेल के मुकुट का हीरा

भिलाई बिरादरी को सेल चेयरमैन ने संकटकाल से उबरने दिए यह मंत्र.

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भिलाई

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Abdul Salam

May 12, 2020

भिलाई इस्पात संयंत्र सेल के मुकुट का हीरा

भिलाई इस्पात संयंत्र सेल के मुकुट का हीरा

भिलाई. सेल चेयरमैन अनिल कुमार चौधरी ने भिलाई इस्पात संयंत्र के वरिष्ठ अधिकारियों को वेब वार्ता के माध्यम से बात की। उन्होंने कहा कि तीसरी तिमाही के अंतिम महीनों में कंपनी ने बिक्री में 36 प्रतिशत और 47 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की। जनवरी 2020 में बिक्री में 26 प्रतिशत की वृद्धि प्राप्त की। हम वित्तवर्ष 2019-20 को बेहतर परिणाम के साथ समाप्त करने की उम्मीद कर रहे थे। लेकिन मार्च 2020 के समापन माह में कोरोना ने हमें पीछे धकेल दिया। इसके बावजूद सेल भिलाई ने यूटीएस 90 रेल्स के 12.85 लाख टन के रिकॉर्ड उत्पादन के साथ वित्तवर्ष का समापन किया। जिसके लिए भिलाई बिरादरी बधाई के पात्र हैं।

लॉकडाउन का असर इस्पात उद्योग पर
लॉकडाउन का प्रभाव उद्योग और अर्थव्यवस्था पर पड़ा, जिसमें इस्पात उद्योग भी शामिल है। इस्पात की मांग और खपत के अनुमानों को भी संशोधित किया गया। हमारे इंवेंटरी में वृद्धि हुई है और हमारे बिक्री में कमी आई है। साथ ही कैश कलेक्शन में भी भारी गिरावट आई है। इन परिस्थितियों में नकद को संरक्षित करने का दबाव बढ़ा है। भिलाई को उत्पादन लागत को कम करने के लिए सभी रास्ते तलाशने होंगे।

मौके का उठाना होगा फायदा
सेल चेयरमैन ने भिलाई के अधिकारियों से कहा कि हमें पूरी तरह तैयार रहना चाहिए। जिससे कि आने वाले महीनों में बाजार में जो भी मौका मिलेंगे उसका हमे तत्काल फायदा उठाना होगा। वर्तमान में हमने उत्पादन की जो मात्रा खोई है उसे हम अपने प्रयासों के साथ आसानी से प्राप्त कर कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि चीन को निर्यात सहित निर्यात बाजार में एक बड़ा मौका प्रदान करता है। देश में बुनियादी ढांचे पर काम फिर से शुरू होते ही घरेलू आदेश में भी उछाल आएगा।

भिलाई है हीरा
सेल अध्यक्ष ने कहा कि भिलाई सेल के मुकुट का हीरा है। संयंत्र का प्रोडक्ट मिक्स बेहतर है और मुझे विश्वास है कि सभी असंभव को संभव कर सकते हैं। भारतीय रेलवे से रेल्स की बढ़ती मांग को पूरा करने पर जोर दिया गया है। रेल्स के मासिक उत्पादन मात्रा में इजाफा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जानी चाहिए। निकट भविष्य में संयंत्र का सुचारू संचालन करना एक चुनौतीपूर्ण कार्य रहेगा। अत: यह जरूरी है कि हम अपने कार्यबल का मनोबल बनाए रखें।

पीएम व सीएम फंड में योगदान
एक अच्छे कॉर्पोरेट नागरिकों के रूप में भिलाई इस्पात संयंत्र और सेल की अन्य इकाइयों ने इस संकट के समय में अपने आसपास के इस्पात टाउनशिप में समाज की मदद करने बेहतर काम किया है। सेल और उसके कर्मचारियों ने पीएम केयर फंड में योगदान दिया है। विभिन्न राज्यों में स्थित इस्पात संयंत्रों ने उन चार राज्यों से संबंधित मुख्यमंत्रियों के सहायता कोष में भी योगदान दिया है। इस मौके पर बीएसपी के सीईओ अनिर्बान दासगुप्ता, कार्यपालक निदेशक, मानस बिस्वास, निदेशक प्रभारी डॉक्टर एसके इस्सर, कार्यपालक निदेशक राकेश, कार्यपालक निदेशक एके भट्टा, ईडी एसके दुबे, बीपी सिंह मौजूद थे।

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