
हाउस लीज योजना के मामले में बीएसपी और निगम आमने-सामने
भिलाई. स्टील अथॉरिटी ऑफ इँडिया लिमिटेड, भिलाई भिलाई स्टील प्लांट, ने लीजधारकों के मन में संदेह और भ्रम पैदा न हो, इसलिए साफ कर दिया है कि कानूनी तौर पर 'लीजÓ लीजधारक और लीज देने वाले (लीजदाता) के बीच सहमत नियमों और शर्तों के अनुसार, जब तक लीजधारक लीज के अनुबंधों का पालन करता है, तब तक केवल संपत्ति का उपभोग करने के अधिकार का हस्तांतरण है। यह लीजधारक के पक्ष में कोई स्वामित्व नहीं बनाता है। इसलिए लीजधारक और लीज देने वाले (इस प्रकरण में सेल-बीएसपी) के बीच संबंध सेल के नियमों और शर्तों पर मकान को लीज पर देने की योजना, आवंटन आदेश और लीज समझौते के अनुसार शासित होते रहेंगे। बीएसपी और निगम फिर एक बार नियमितीकरण के मसले को लेकर आमने-सामने होने जा रहा है। अभी लीज के आवासों के मालिकाना हक पर प्रबंधन ने अपनी बात साफ की है। इसके साथ-साथ फिर एक बार वही बात दोहराई है, जो निगम के नियमितीकरण को लेकर शिविर के दौरान कही गई थी।
अनुबंध समाप्त करने का भी सेल-बीएसपी को अधिकार
सेल-बीएसपी ने यह भी साफ किया है कि लीजधारक से अनुबंध का उल्लंघन करने पर लीज निर्धारित या समाप्त करने का लीजदाता या सेल-बीएसपी का अधिकार किसी भी प्राधिकारी से समाप्त नहीं किया जा सकता है। इसलिए लीजधारकों के बीच इस तरह के संदेशों से प्रभावित ना होने के बारे में जागरूकता पैदा करने के लिए लीज के पंजीकरण के परिणामों के बारे में कानूनी स्थिति साफ की जाती है।
लीज डीड कर रही बीएसपी-सेल की शक्ति निर्धारित
पंजीकृत लीज डीड न्यायालय के समक्ष साक्ष्य के रूप में है। इसलिए यह लीजधारक के हित में है कि, वह लीज की शर्तों का उल्लंघन ना करें। इसलिए सेल-बीएसपी ने सभी संबंधितों को सूचित किया है कि पंजीकृत किए जा रहे लीज डीड की शर्तें विशेष रूप से लीजदाता (सेल-बीएसपी) को समाप्त करने की शक्ति निर्धारित करती है।
लीज को समाप्त करने की शक्ति सेल-बीएसपी को
सेल-बीएसपी ने जारी बयान में बताया है कि लीज की शर्तों के उल्लंघन में तीसरे पक्ष या किसी भी प्राधिकारी से की गई किसी भी कानूनी कार्रवाई का बाध्यकारी प्रभाव नहीं होगा। लीज को निर्धारित, समाप्त करने के लिए लीजदाता या सेल बीएसपी की शक्ति में कटौती नहीं होगी। लीज समझौते के कानूनी संदर्भ में किसी के द्वारा लीजधारक को दिए गए कोई भी आश्वासन, नियमितीकरण या अन्य जो लीज की शर्तों का उल्लंघन करता है, से लीज की शर्तों के तहत लीजदाता के रूप में सेल-बीएसपी के अधिकार पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा।
सेल-बीएसपी का है स्वामित्व
सेल-बीएसपी प्रबंधन ने बताया है कि टाउनशिप में सेल बीएसपी के स्वामित्व वाली संपत्ति सार्वजनिक परिसर अधिनियम 1971 के तहत सार्वजनिक परिसर है। बीएसपी प्रबंधन ने आवंटन और लीज की शर्तों के अनुसार आवंटित, प्रबंधित और संचालित की जाती है। इसलिए लीज भी पीपी एक्ट 1971 के प्रावधानों से शासित होते हैं।
अनाधिकृत की अनुमति नहीं
प्रबंधन ने साफ किया है कि लीजधारकों को बताया जाता है कि लीजधारक या आवंटी को आवंटित सार्वजनिक परिसर में कोई भी अनाधिकृत निर्माण की अनुमति नहीं है। यह आवंटन की शर्तों का उल्लंघन है। किसी भी अनाधिकृत निर्माण सहित आवंटन, लीज की शर्तों का उल्लंघन होने पर आवंटन रद्द किया जा सकता है। ऐसे आवंटियों या लीजधारकों के खिलाफ पूर्व में भी कार्रवाई की गई है और वर्तमान में भी की जा रही है।
दूसरे प्राधिकरण से जारी आदेश सेल के लिए बाध्यकारी नहीं
इस तरह से स्पष्ट है कि आवंटन, लीज के नियमों और शर्तों के अनुसार आवंटी, लीजधारक के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी और इसलिए सेल-बीएसपी की सहमति के बिना किसी भी प्राधिकरण से जारी किया गया कोई भी आदेश सेल-बीएसपी पर बाध्यकारी नहीं है। इस तरह से बीएसपी ने निगम को संकेत दिया है कि वे आदेश को मानने के लिए बाध्य नहीं है।
लीज डीड की रजिस्ट्री प्रक्रिया पूरी तरह से वैध, बीएसपी के अधिकारी कर्मचारी को मिलेगा लोन, महापौर ने कहा
महापौर नीरज पाल ने बताया कि बीएसपी क्षेत्र में रह रहे बीएसपी के कर्मचारी व पूर्व कर्मचारियों को लीज डीड रजिस्ट्री का लाभ मिल रहा है, जो कि पूर्ण रूप से वैधानिक है। इस लीज डीड के रजिस्ट्री से बीएसपी के कर्मचारी व पूर्व कर्मियों को रजिस्ट्री का लाभ मिलेगा। उन्हें बैंक से लोन भी मिल सकेगा। मीडिया से चर्चा के दौरान उन्होंने बताया कि भिलाई नगर विधायक देवेंद्र यादव और कलेक्टर पुष्पेंद्र मीणा के साथ इस विषय पर गहन विचार विमर्श करने के बाद रजिस्ट्री की प्रक्रिया को वैधानिक रूप से शुरू किए हैं। इसका लाभ लेने के लिए बीएसपी के अधिकारी कर्मचारी आ रहे हैं और अपने आवास का रजिस्ट्रेशन करवा रहे हैं।
बैंक भी तैयार है लोन देने
उन्होंने बताया कि बैंक भी बीएसपी आवास में रहने वाले लोगों को लोन देने के लिए तैयार है। लीज डीड रजिस्ट्री की प्रक्रिया जो सालों से रुकी हुई थी अब उनका नाम उन्हें मिलेगा। नियमितीकरण को लेकर रजिस्ट्री के बाद आगे प्रक्रिया की जाएगी। इस पर विधायक व जिला प्रशासन की ओर से खुद कलेक्टर और बीएसपी के अधिकारियों के साथ आगे की योजना बनाई जा रही है। ताकि अधिक से अधिक बीएसपी के वर्तमान व पूर्व अधिकारियों व कर्मियों को इसका लाभ दिया जा सके।
Published on:
21 Jul 2023 08:25 pm
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