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बीएसपी के युवा कर्मी चाहते हैं सीएसवीटीयू में पार्ट टाइम बीटेक करने का अवसर

भिलाई इस्पात संयंत्र के युवा डिप्लोमा इंजीनियरों ने अपने लिए छग स्वामी विवेकानंद तकनीकी विश्वविद्यालय में पार्ट टाइम बीटेक कोर्स शुरू करने की मांग की है।

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भिलाई

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Nirmal Sahu

Apr 06, 2022

बीएसपी के युवा कर्मी चाहते हैं सीएसवीटीयू में पार्ट टाइम बीटेक करने का अवसर

बीएसपी के युवा कर्मी चाहते हैं सीएसवीटीयू में पार्ट टाइम बीटेक करने का अवसर

Bhilai भिलाई. भिलाई इस्पात संयंत्र के युवा डिप्लोमा इंजीनियरों ने अपने लिए CG Swami Vivekananda Technical University में पार्ट टाइम B.Techशुरू करने की मांग की है। इस संबंध मेंं उनकी संस्था डेब के प्रतिनिधियों ने बीएसपी ऑफिसर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष व स्टील एक्सक्यूटिव फेडरेशन ऑफ इंडिया SEFI के चेयरमैन नरेंद्र कुमार बंछोर से मुलाकात और पहल करने का आग्रह किया।
इन युवा कर्मियों का कहना है कि इससे उनकी योग्यता व तकनीकी कौशल का और उन्नयन होगा। जूनियर अफसर की प्रतियोगी परीक्षा में भी इसका फायदा मिलेगा। वे संयंत्र के प्रति अपनी प्रतिबद्धता भी और अच्छे से दिखा सकेंगे। साथ ही लंबे समय से व बहुचर्चित पदनाम का मुद्दा जल्द से जल्द सुलझाने व जूनियर इंजीनियर पदनाम संयंत्र हित मे लागू करने में भी सहयोग का आग्रह सेफी चेयरमैन से किया। डेब अध्यक्ष राजेश शर्मा ने दोबारा सेफी चेयरमैन बनने पर बंछोर को बधाई दी। उनकी नेतृत्व क्षमता व दूरदर्शिता की प्रशंसा की।
डिस्टेंस में डिग्री बंद होने से उलझन बढ़ी
डेब के संगठन सचिव पवन साहू व अजय तामुरिया का कहना है कि एएमआईई व आईआईएम जैसी संस्था जो कि डिस्टेंस में डिग्री प्रदान करती थी, उनकी मान्यता खत्म होने के बाद युवा इंजीनियर्स में अपने कॅरियर के प्रति निराशा घर कर गई है। पार्ट टाइम बीटेक शुरू करने के लिए किए जा रहे प्रयासों से उनमें एक बार फिर उम्मीद जगी है।
फास्ट ट्रैक प्रमोशन पॉलिसी और पृथक कैडर हो
वरिष्ठ उपाध्यक्ष मो रफी ने डिप्लोमा इंजीनियर्स के लिए दो साल में फास्ट ट्रैक प्रमोशन पॉलिसी व पृथक कैडर की बात रखी। और प्लांट हित में उसकी उपयोगिता पर प्रकाश डाला। विभिन्न ब्रांच की जानकारी दी, जिसमें युवा कर्मचारी डिग्री करना चाह रहे हैं । बंछोर ने आश्वस्त किया कि सयंत्र के उत्पादन में डिप्लोमा इंजीनियर्स का महत्वपूर्ण स्थान है। फ्रंटलाइन पर डिप्लोमा इंजीनियर प्रमुख रूप से कार्यरत हैं। ऐसे में उनका मनोबल ऊंचा रखने व सयंत्र हित में उनकी मांगों को हल किया जाना आवश्यक है।