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हेमचंद विश्वविद्यालय के प्रोफेसर तीन साल के लिए ब्लैक लिस्ट! बीकॉम अंग्रेजी पेपर विवाद में बड़ी कार्रवाई

English Paper Controversy: बीकॉम अंग्रेजी पेपर विवाद में विवि प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। मामले में प्रोफेसर को ब्लैकलिस्ट की किया है। बता दें कि इस लापरवाही के चलते सात हजार छात्र प्रभावित हुए..

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हेमचंद विश्वविद्यालय के प्रोफेसर तीन साल के लिए ब्लैक लिस्ट

English Paper Controversy: हेमचंद यादव विश्वविद्यालय की बीकॉम फाइनल ईयर अंग्रेजी परीक्षा में आउट ऑफ सिलेबस प्रश्न पूछे जाने के मामले में विवि प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। प्रश्न-पत्र तैयार करने वाले प्रोफेसर को ब्लैक लिस्ट कर आगामी तीन वर्षों तक परीक्षा कार्य से वंचित करने का निर्णय लिया गया है। बता दें कि पेपर में लापरवाही बरतने से करीब 7 हजार छात्र प्रभावित हुए हैं।

English Paper Controversy: बीकॉम के पेपर में गंभीर लापरवाही

विवि के अनुसार, बीए और बीएससी के अंग्रेजी प्रश्नपत्र सही तरीके से तैयार किए गए थे, लेकिन बीकॉम के पेपर में गंभीर लापरवाही सामने आई। इस चूक के कारण दुर्ग संभाग के करीब सात हजार विद्यार्थी प्रभावित हुए हैं। हालांकि, परीक्षा निरस्त करने या बोनस अंक देने जैसे मुद्दों पर अभी तक अंतिम निर्णय नहीं हो सका है।

50 फीसदी सवाल पुराने सिलेबस से, परीक्षा में मचा हडक़ंप

28 मार्च को आयोजित इस परीक्षा में छात्रों को दिए गए प्रश्नपत्र में लगभग आधे प्रश्न पुराने और अब हटाए जा चुके सिलेबस से पूछे गए थे। ग्रामर सेक्शन सामान्य रहा, लेकिन ‘लेसन’ आधारित प्रश्न ऐसे पाठों से थे, जो वर्तमान पाठ्यक्रम में शामिल ही नहीं हैं। प्रश्नपत्र देखते ही परीक्षा केंद्रों में छात्रों के बीच असमंजस और नाराजगी फैल गई।

फैसले पर अब भी असमंजस

मामले को लेकर विवि में बोर्ड ऑफ स्टडी सहित अन्य समितियों की बैठक हुई, लेकिन अंतिम निर्णय नहीं हो पाया। कुलपति की अनुपस्थिति के कारण भी फैसला टल गया। अब गुरुवार को इस पर निर्णय आने की संभावना है।

लगातार हो रही लापरवाही, पहले भी निरस्त हो चुकीं परीक्षाएं

यह पहला मामला नहीं है जब विवि में इस तरह की गलती हुई हो। इससे पहले बीएससी प्रथम वर्ष गणित के पेपर में भी गड़बड़ी के चलते परीक्षा निरस्त करनी पड़ी थी। केमिस्ट्री में भी आउट ऑफ सिलेबस प्रश्न पूछे जाने से छात्रों को दोबारा परीक्षा देनी पड़ी थी।

कुलपति का आश्वासन

हेमचंद यादव विश्वविद्यालय, कुलपति डॉ. संजय तिवारी ने कहा कि जांच समिति सभी पहलुओं की समीक्षा कर रही है। छात्रहित को ध्यान में रखते हुए जल्द ही निर्णय लिया जाएगा, जिसमें परीक्षा निरस्त करने या अन्य विकल्पों पर विचार किया जा रहा है।