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मिलिए छत्तीसगढ़ के सबसे ज्यादा पढ़े-लिखे युवा सरपंच बुद्धेश्वर से, IIT धनबाद से कर रहे हैं पीएचडी, राजनीति को नहीं मानते गंदी

युवा सरपंच बुद्धेश्वर कॉलेज के दिनों में ही राजनीति में सक्रिय रहे। पिता योधन लाल साहू एक छोटे से किसान हैं। ढाई एकड़ की खेती-बाड़ी में उन्होंने अपने दो बेटों को इंजीनियरिंग की पढ़ाई कराई। (Sarpanch election chhattisgarh)

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भिलाई

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Dakshi Sahu

Feb 13, 2020

मिलिए छत्तीसगढ़ के सबसे ज्यादा पढ़े-लिखे युवा सरपंच बुद्धेश्वर से, IIT धनबाद से कर रहे हैं पीएचडी, राजनीति को नहीं मानते गंदी

मिलिए छत्तीसगढ़ के सबसे ज्यादा पढ़े-लिखे युवा सरपंच बुद्धेश्वर से, IIT धनबाद से कर रहे हैं पीएचडी, राजनीति को नहीं मानते गंदी

राजनांदगांव. इंजीनियरिंग (engineering course in Chhattisgarh) की पढ़ाई कर जहां युवा मोटी सैलरी वाली जॉब के लिए बड़े शहरों की ओर रूख करते हैं। ऐसे में उच्च शिक्षित युवक ने शहर की जगह गांव में रहकर न सिर्फ पंचायत चुनाव जीता बल्कि अब गांव के विकास के लिए अपना अनोखा विकास मॉडल भी प्रस्तुत कर दिया है। ये कहानी है राजनांदगांव जिले के पार्रीखुर्द गांव निवासी 28 वर्षीय बुद्धेश्वर साहू की।

सबसे पढ़े लिखे युवा सरपंच हैं बुद्धेश्वर
बुद्धेश्वर साहू ने अपने गांव की तस्वीर बदलने के लिए 2013 में युगांडा से असिस्टेंट प्रोफेसर पद के लिए आए ऑफर को ठुकरा दिया। इसके अलावा उन्होंने नेवी में लेफ्टिनेंट ग्रेड के लिए पांच दिनों का एसएसबी इंटरव्यू भी पास किया था, जहां उन्हें करीब 8 लाख रुपए पैकेज सैलरी मिलती। इसे छोड़ वे गांवों में बिगड़ते पर्यावरण संतुलन और शिक्षा प्रणाली में सुधार का संकल्प लेकर राजनीति में कूद पड़े हैं। इसकी शुरुआत उन्होंने अपने ही गांव से सरपंच चुनाव लड़कर की है। बुद्धेश्वर संभवत: प्रदेश में सबसे पढ़े-लिखे युवा सरपंच हो सकते हैं।

जिला मुख्यालय से 14 किमी दूर ग्राम पंचायत पार्रीखुर्द में इस बार सरपंच चुनाव में शिक्षित युवा बुद्धेश्वर साहू सरपंच बनकर आए हंै। उन्होंने अपने निकटतम प्रतिद्वंदी मुकेश चंद्राकर को 10 वोट से हराया है। बुद्धेश्वर ने एक निजी कॉलेज से इंजीनियरिंग की पढ़ाई की है। उसके बाद उन्होंने भिलाई इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी दुर्ग से एमटेक की शिक्षा प्राप्त की। वर्तमान में वे आईआईटी (आईएसएम) (IIT Dhanbad) धनबाद से पीएचडी अध्ययनरत हैं। साथ ही साथ पिछले सात सालों से सीएसआईटी दुर्ग में सहायक प्राध्यापक के पद पर कार्यरत हैं।

ये हैं उनकी प्राथमिकता
व निर्वाचित युवा सरपंच बुद्धेश्वर ने खुद को भारतीय जनता पार्टी की विचारधारा से प्रेरित बताया। उन्होंने वर्तमान की शिक्षा प्रणाली और बदलते पर्यावरण को लेकर चिंता जताई। कहा कि वर्तमान में राज्य में जो शिक्षा प्रणाली है, उसमें पढ़-लिखकर बच्चे मजदूर ही बनेंगे। इसके लिए उन्होंने अपने गांव की आंगनबाड़ी को स्मार्ट-प्ले स्कूल की तर्ज पर संवारने और प्राथमिक व पूर्व माध्यमिक स्कूल की शिक्षा को मजबूती प्रदान करने के लिए योजना बनाने की बात कही। इसके अलावा पर्यावरण संतुलन के लिए जलसंवर्धन, पौधरोपण, और वाटर हार्वेस्टिंग करने की बात कही। पंचायत को डिजीटल करने पर भी काम किया जाएगा।

छात्र जीवन से राजनीति में एक्टिव
युवा सरपंच बुद्धेश्वर कॉलेज के दिनों में ही राजनीति में सक्रिय रहे। पिता योधन लाल साहू एक छोटे से किसान हैं। ढाई एकड़ की खेती-बाड़ी में उन्होंने अपने दो बेटों को इंजीनियरिंग की पढ़ाई कराई। बड़ा बेटा तमिलनाडु में रहकर निजी कंपनी में जॉब कर रहा है। माता सुनीता साहू गृहणी हैं। बुद्धेश्वर ने बताया कि उनकी पढ़ाई में उनके दो बड़े पिता ने भी मदद की। उनका मानना है कि राजनीति गंदी नहीं होती। इसमें पढ़े-लिखे युवाओं को आने की जरूरत है।

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