ऑपरेशन शुरू करने से पहले कक्ष का किया पूजा पाठ और लोकार्पण.
भिलाई. कोरोना महामारी की वजह से पिछले करीब दो साल से सिविल हॉस्पिटल, सुपेला में सीजर ऑपरेशन और महिलाओं की नसबंदी बंद पड़ी थी। शुक्रवार को पूजा अर्चना के साथ इसे शुरू कर दिया गया। शास्त्री अस्पताल में सामान्य डिलीवरी जारी थी, लेकिन सीजर ऑपरेशन बंद था। इससे बड़ी संख्या में डिलीवरी के महिलाओं का जिला अस्पताल, दुर्ग भेजा जा रहा था। अब यह सुविधा सिविल हॉस्पिटल में मिलने लगेंगी।
हर साल होता है 720 बच्चों का जन्म
लाल बहादुर शास्त्री अस्पताल, सुपेला में हर साल करीब 720 बच्चों का जन्म होता है। सीजेरियन ऑपरेशन बंद होने की वजह से हर साल करीब 400 गर्भवती महिलाओं को जिला अस्पताल, दुर्ग रेफर किया जाता है। अब यहां आने वाली गर्भवती महिलाओं को जिला हॉस्पिटल, दुर्ग रेफर करने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
सफल सीजर ऑपरेशन
शुक्रवार को लोकार्पण के बाद डॉक्टर मंजु और डॉक्टर विनीता ने सीजर का एक सफल ऑपरेशन किया। प्रसुता का इसके पहले चेकअप डॉक्टर बबीता सक्सेना ने किया। सीजर ऑपरेशन के वक्त सिस्टर्स में इति रानी, शशी कुर्रे मौजूद थी। शास्त्री अस्पताल के जच्चा-बच्चा वार्ड में 17 बेड है। इस वार्ड में पहले बारिश के दिनों में सीलन की दिक्कत आती थी। अब मरम्मत का काम किए हैं। जिसके बाद व्यवस्था पहले से बेहतर हुई है।
पूजापाठ के साथ किया लोकार्पण
शुक्रवार को सीजर ऑपरेशन कक्ष को पूजापाठ के बाद लोकार्पण किए। इस मौके पर अस्पताल के प्रभारी पीयाम सिंह, डॉक्टर जामगड़े, डॉक्टर संजय कुमार जामगड़े, एमएल साहू, नावेल, डिलीप, कार्तिक, रीता नाग, मुकुंद, उषा समेत अन्य मौजूद थे।