
1 रूपये में एक्स-रे कराएं (फोटो सोर्स- Freepik)
Bhilai News: मकर संक्रांति के दिन मात्र 1 रूपये में एक्स-रे सेवा का शुभारंभ होने के बाद विधायक रिकेश सेन ने वैशाली नगर विधानसभा के रहवासियों को एक और बड़ी सौगात दी है। आज से मात्र 1 रूपये में डायलिसिस सुविधा का लाभ जरूरतमंद ले सकेंगे। प्रारंभिक तौर पर विधायक सेन के कार्यालय से हर दिन अधिकतम 5 लोग डायलिसिस के लिए संपर्क कर सकेंगे।
वैशाली नगर विधायक रिकेश सेन ने कहा कि जब गुर्दे (किडनी) शरीर से विषाक्त पदार्थों, अतिरिक्त तरल पदार्थ और अपशिष्ट को ठीक से फ़िल्टर नहीं कर पाते, जिससे ये रक्त में जमा होने लगते हैं और जीवन के लिए खतरा पैदा कर सकते हैं। डायलिसिस एक कृत्रिम प्रक्रिया है जो गुर्दों का काम करती है, खासकर गंभीर किडनी फेलियर में विकास कार्यों का निरीक्षण कर दिए आवश्यक निर्देश डायलिसिस जीवन बचाने वाला, एक अस्थायी या स्थायी उपाय है जब तक प्रत्यारोपण नहीं हो जाता।
आपको बता दें कि डायलिसिस खर्च निजी अस्पताल में 3 से 4 हजार रूपये प्रति सत्र और मासिक 12 से 20 हजार रूपये तक होता है। कई निर्धन और मध्यम वर्गीय परिवार के लिए डायलिसिस का खर्च सचमुच पहाड़ जैसा ही है, परिवार के लिए पीड़ित सदस्य का यह उपचार जितना अहम् है उतना ही आर्थिक रूप से उन्हें कमजोर भी करता है। इसलिए वैशाली नगर विधानसभा के लिए मात्र 1 रूपये में डायलिसिस सेवा का शुभारंभ विधायक रिकेश सेन ने किया है।
सेन ने बताया कि लगभग 2 लाख से अधिक आबादी वाली वैशाली नगर विधानसभा में स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर लगातार उनका प्रयास जारी है ताकि लोगों के स्वस्थ्य जीवन के लिए आवश्यक जागरूकता के साथ ही स्वास्थ्य सेवाएं सरल ढंग से सहजतापूर्वक पहुंच सकें। फ्री ब्लड टेस्ट, एक रूपये में एक्स-रे की सेवा इस विधानसभा में जारी है। आज से 1 रूपये में डायलिसिस की सेवा भी उन्होंने शुरू कर दी है ताकि जरूरतमंद परिवार को आर्थिक अभाव में उपचार से वंचित न होना पड़े।
विधायक कार्यालय जीरो रोड शांति नगर में सम्पर्क कर जरूरतमंद 1 रूपये में डायलिसिस सेवा का लाभ ले सकते हैं। विधायक ने बताया कि फिलहाल एक दिन में 5 लोगों को डायलिसिस के लिए सूचीबद्ध किया जा रहा है।निजी अस्पताल से अनुबंध के आधार पर हर दिन 5 डायलिसिस के लिए कार्यालय जरूरतमंद को सेवाएं प्रदान करेगा।
डायलिसिस किडनी फेल होने पर शरीर से गंदगी और अतिरिक्त तरल पदार्थ निकालने की प्रक्रिया है, जो मुख्य रूप से दो तरीकों से होती है। हीमोडायलिसिस (मशीन द्वारा खून साफ करना) और पेरिटोनियल डायलिसिस (पेट की झिल्ली का उपयोग करके)। हीमोडायलिसिस में, मशीन खून को बाहर निकालकर डायलाइज़र (कृत्रिम किडनी) से फिल्टर कर वापस शरीर में भेजती है, जो हफ्ते में 2-3 बार, 3 से 5 घंटे तक चलता है। वहीं पेरिटोनियल डायलिसिस पेट में घोल डाल कर किया जाता है।
Updated on:
16 Jan 2026 02:38 am
Published on:
16 Jan 2026 02:38 am
Copyright © 2026 Patrika Group. All Rights Reserved.
