होटल व्यवसायी से निगम ने वसूला 50 हजार जुर्माना, फैला रहा था गंदगी,
भिलाई. निगम तुहर द्वार के तहत महापौर संग गोठ के जरिए शिविर का लगाया जा रहा है। वार्ड 15 अंबेडकर नगर में महापौर नीरज पाल ने लोगों की समस्याएं सुनी। वार्ड के निवासियों ने सड़क नंबर 2 में सड़क की स्थिति की समस्या से महापौर को बताया। महापौर ने अधिकारियों को सड़क निर्माण के लिए मौके पर निर्देश दिए। इस सड़क का सीसी रोड निर्माण महापौर की पहल से होगा।
जलभराव से भी मिलेगा निजात
वार्ड के लोगों ने जलभराव की समस्या के संबंध में महापौर को बताया। लोगों ने बताया कि गदा चौक के पास जलभराव की समस्या से निजात दिलाने के लिए नाली निर्माण की आवश्यकता है। इस पर महापौर ने अधिकारियों को शीघ्र ही इस समस्या का हल निकालने के लिए निर्देश दिए। महापौर ने जोन आयुक्त को कहा कि 2 दिनों के भीतर जलभराव की समस्या से निजात दिलाने के लिए गदा चौक के पास नाली निर्माण व पुल से संबंधित कार्य शुरू करवाएं।
यह थे मौजूद
इस मौके पर जिला अध्यक्ष मुकेश चंद्राकर, जोन अध्यक्ष रामानंद मौर्या, राजेश चौधरी, महापौर परिषद के सदस्य लालचंद वर्मा, केशव चौबे, आदित्य सिंह, नेहा साहू मौजूद थे।
होटल व्यवसायी से निगम ने वसूला 50 हजार जुर्माना, फैला रहा था गंदगी
एक होटल व्यवसायी ने नाली में गंदगी फैलाकर नाली को जाम कर दिया था। होटल से निकलने वाले खराब अपशिष्ट को नाली में पूरी तरीके से बहा दिया था। गंदगी और बदबू इतनी थी कि मोहल्ले वासी भी बदबू से परेशान हो गए थे। इसकी शिकायतें भी मिली थी। नाली से गुजरने वाले लोग बदबू से पूरी तरीके से त्रस्त हो गए थे। थोड़ी देर भी वहां पर खड़े रहना मुश्किल हो गया था। निगम आयुक्त रोहित व्यास ने वार्ड का दौरा किया तब मोहल्ले वासियों ने भी बदबू को लेकर आयुक्त से शिकायत की। इस पर निगम आयुक्त ने अधिकारियों को जुर्माना लगाने के निर्देश दिए और होटल व्यवसायी को गंदगी नहीं फैलाने को लेकर हिदायत भी दी। परदेसी चौक के पास के छोटू होटल व्यवसायी को गंदगी फैलाने को लेकर 50,000 रुपए जुर्माना लिया गया। निगम ने नाली की सफाई भी की।
मलबे को बिखेरने वाले से भी वसूला जुर्माना
इसी तरह से क्षेत्र का भ्रमण के दौरान निर्माण व विध्वंस के मलबे को बिखेरकर रखने वाले निर्माणकर्ता से 10,000 रुपए जुर्माना वसूल किया। मलबा को सड़क किनारे रख दिया था इसके चलते लोगों को आवाजाही में परेशानी हो रही थी। इसकी भी शिकायतें निगम को मिली थी।