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छत्तीसगढ़ में 45 कांग्रेस प्रत्याशियों की फर्जी सूची से पार्टी में मची खलबली

छत्तीसगढ़ में आगामी विधानसभा चुनाव के लिए कांग्रेस पार्टी की ओर से अभी चयन प्रक्रिया जारी है, वहीं सोशल मीडिया में 45 कांग्रेस प्रत्याशियों के फाइनल नाम की सूची जारी होने से पार्टी में खलबली मच गई है।

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छत्तीसगढ़ में 45 कांग्रेस प्रत्याशियों की फर्जी सूची से पार्टी में मची खलबली

भिलाई. छत्तीसगढ़ में आगामी विधानसभा चुनाव के लिए कांग्रेस पार्टी की ओर से अभी चयन प्रक्रिया जारी है, वहीं सोशल मीडिया में 45 कांग्रेस प्रत्याशियों के फाइनल नाम की सूची जारी होने से पार्टी में खलबली मच गई है। प्रभारी महामंत्री सहित पार्टी ने जारी सूची को भले ही फर्जी करार दिया हो किंतु टिकट के दावेदारों में राजनीति गरमा गई है। 27 अगस्त को जारी सूची जैसे ही सोशल मीडिया पर जारी हुई, तत्काल लोगों ने लाइक और शेयर करने लगे। कुछ समर्थकों टिकट फाइनल होने की खबर मिलते ही संभावित प्रत्याशियों को बधाई भी दे दी। दो दिन बाद पार्टी की ओर से सूची को फर्जी बताए जाने पर ऐसे लोगों का उत्साह ठंडा हो गया।

विरोधियों की बोलती बंद
45 प्रत्याशियों की सूची जारी होने से पार्टी में ही संभावित प्रत्याशियों के विरोधियों की बोलती भी बंद हो गई है। जारी सूची में भिलाई नगर से महापौर देवेंद्र यादव और दुर्ग ग्रामीण से प्रतिमा चंद्राकर के नाम शामिल है। इससे पार्टी में ही उनके विरोधी जो उनके टिकट का विरोध कर रहे थे, वे भी खुलकर कुछ बोलने से कतरा रहे हैं। कुछ प्रत्याशी विरोध करने वाले कार्यकर्ता और पदाधिकारी को धमकाने से बाज भी नहीं आ रहे हैं। ऐसे लोगों का कहना है कि देखों मुझे टिकट मिल गई है यदि काम नहीं करों तो बाहर से कार्यकर्ता लाकर काम चला लेंगे, फिर जीतने के बाद मजा भी चखाएंगे।

रायपुर में पूनिया ने सख्त लहजे में दी चेतावनी
पार्टी के एक कार्यकर्ता ने बताया कि फर्जी सूची को सोशल मीडिया वाट्सएप और फेसबुक में शेयर करने के बाद पार्टी के प्रदेश प्रभारी पीएल पूनिया को भी सफाई देनी पड़ी। उन्होंने कहा कि यह विरोधी पार्टी की साजिश हो सकती है। जो पार्टी के खिलाफ झूठे और भ्रामक प्रचार कर रहे हैं। पार्टी कार्यकर्ताओं को भी इस अफवाह पर विराम लगाने के बजाए सोशल मीडिया में सक्रिय होकर शेयर कर रहे हैं। इस पर पूनिया ने सख्त लहजे में कहा कि इस फर्जी सूची पर न तो ध्यान दें और न ही शेयर करें।

कांग्रेस में यह हैं चयन प्रक्रिया
बता दें कि कांग्रेस पार्टी में विधानसभा प्रत्याशी चयन के लिए कई कमेटियां बनी और विभिन्न चरणों में चयन प्रक्रिया जारी है। पहली कड़ी में चुनाव लडऩे वाले प्रत्याशियों को पद से त्याग पत्र देकर ब्लाक अध्यक्ष के पास आवेदन मंगाए थे। ब्लॉक अध्यक्ष के बाद समन्वयक और जिला अध्यक्षों को प्राप्त सूची को क्रमबद्ध कर पीसीसी को सौंपने की जिम्मेदारी दी गई है। जो अभी पीसीसी में लंबित है। इसके अतिरिक्त जिला स्तर पर अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सचिव और एआईसीसी स्क्रीनिंग कमेटी के एक सदस्य की अलग से कमेटी बनी है। यह कमेटी जिले में सभी पदाधिकारियों से चर्चा कर संभावित प्रत्याशियों के संबंध में फीडबैक ले रही है। इसी कड़ी में दुर्ग जिले में 4 सितंबर को बैठक आयोजित की गई है। उक्त दोनों पदाधिकारी भी फीडबैक को पीसीसी को सौंपेंगे। इसके बाद भी प्रत्याशियों के नामों पर अंतिम मुहर एआईसीसी दिल्ली से ही लगेगी।

कार्रवाई की मांग
फर्जी सूची जारी होने पर पार्टी के कार्यकर्ता इस बात पर जोर दे रहे हैं कि सूची जारी करने वाले के बारे पता लगाकर कार्रवाई की जाना चाहिए। वहीं कुछ कार्यकर्ता लेटरपेड चुराकर और महामंत्री का फर्जी हस्ताक्षर करने वाले के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग भी दबी जुबान उठाने की कोशिश में लगे हैं।

सूची को बताया फर्जी
वहीं कांग्रेस के प्रभारी महामंत्री गिरिश देवांगन ने जिनके लेटरपेड पर उन्हीं के हस्ताक्षर से जारी सूची को फर्जी बताया है। उन्होंने कहा कि ये सूची फर्जी है बस इतना कहना चाहता हूं।