
BJP के राष्ट्रीय महामंत्री के घर में हलचल, महामंत्री बोले- कार्यकारिणी ने इस्तीफा दिया, डाहरे बोले- न मैंने दिया न किसी और ने
भिलाई. भाजपा के जिला संगठन में मंगलवार को दिनभर हलचल मची रही है। सबकी निगाहें पार्टी की राष्ट्रीय महामंत्री सरोज पांडेय के मैत्री नगर स्थित निवास पर टिकी रही, जहां उनके भाई राकेश पांडेय को वैशाली नगर से टिकट नहीं मिलने से नाराज पार्टी पदाधिकारियों का जमावड़ा लगा रहा।
इस्तीफा दिया
पार्टी के जिला महामंत्री विनीत वाजपेयी ने कहा कि प्रदेश संगठन ने जमीनी कार्यकर्ताओं की भावनाओं का सम्मान नहीं किया, इससे नाराज जिला संगठन, मंडल, मोर्चा और सभी प्रकोष्ठाों की पूरी कार्यकारिणी ने अपना इस्तीफा जिलाध्यक्ष सांवला राम डाहरे को सौंप दिया है। जबकि डाहरे का कहना है कि न तो उन्होंने अपने पद से इस्तीफा दिया है और न ही उन्हें किसी का मिला है।
डाहरे के पास जमा किया त्यागपत्र
वाजपेयी ने कहा है कि वैशाली नगर विधानसभा क्षेत्र से राकेश पांडेय को टिकट नहीं देने से नाराज भाजपा के जिलाध्यक्ष सांवला राम डाहरे सहित हमारी पूरी 76 लोगों की कार्यकारिणी, सभी दस मंडलों व प्रकोष्ठों और सातों मोर्चों के 900 पदाधिकारियों ने इस्तीफा दे दिया है। सभी का त्यागपत्र डाहरे के पास जमा है।
कार्यकर्ता बी फार्म जारी होने से पहले प्रत्याशी बदलने की संभावनाओं तक इंतजार करेंगे। इसके बाद पार्टी की राष्ट्रीय महामंत्री सरोज पांडेय से चर्चा कर आगे निर्णय लेंगे। इधर भाजपा के जिला मीडिया प्रभारी पवन केसवानी ने भी इस्तीफे की बात का खंडन करते हुए कहा कि ऐसी कोई बात नहीं है। सभी पाटी के अनुशासित सिपाही हैं। आपस में मिल बैठकर गलतफहमियों को दूर कर लेंगे।
प्रदेश से ही तय होना है तो जिला संगठन का क्या औचित्य- वाजपेयी
वाजपेयी ने कहा है कि संगठन में ऊपर बैठे लोग अपनी मनमानी थोप रहे हैं। जब अपनी मर्जी से ही प्रत्याशी चयन करना है तो जिला संगठन स्तर से विचार कर नाम मंगाने का ढोंग क्यों किया जाता है? इस बार तो गुप्त मतदान तक से योग्य प्रत्याशी चयन करने की प्रक्रिया अपनाई गई। जब सब कुछ प्रदेश संगठन को ही करना है तो जिला संगठन का क्या औचित्य?
पार्टी का लिया निर्णय ही अंतिम और शिरोधार्य - डाहरे
न मैंने इस्तीफा दिया है, न मैंने लिखा है, और न ही जिला भाजपा संगठन, मंडल, मोर्चा व प्रकोष्ठों के किसी भी पदाधिकारी ने मुझे इस्तीफा सौंपा है। लोग ऐसा क्यों बोल रहे हैं, मुझे नहीं मालूम। वे ही बता पाएंगे। जहां तक उम्मीदवार को लेकर नाराजगी की बात है, पार्टी भी परिवार की तरह है। यह सब होता है, लेकिन पार्टी का निर्णय ही अंतिम और शिरोधार्य है।
Published on:
31 Oct 2018 09:56 am
बड़ी खबरें
View Allभिलाई
छत्तीसगढ़
ट्रेंडिंग
