
बालोद. मासूम हनी की करुण पुकार सुनकर आपके आंखों में भी आंसू आ जाएंगे। जिंदगी और मौत के बीच झूल रही हनी का उपचार नहीं हुआ तो वह ज्यादा दिन तक जिंदा नहीं रह पाएगी। उपचार में आर्थिक स्थिति आड़े आ रही है। उन्होंने मीडिया के माध्यम से मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह से उपचार के लिए आॢथक मदद की अपील की है। उन्होंने कहा है कि मुख्यमंत्री जी मैं मरना नहीं जीना चाहती हूं। मैं आगे भी पढ़ाई करना चाहती हूं। मैंने सुना है कि आप सबकी मदद करते हैं। मेरी भी मदद कीजिए। मैं भी जीना चाहती हूं।
यह कहानी है बालोद जिले के ग्राम कोलिहामार की ब्लड कैंसर से पीडि़त
यह सच्ची कहानी है बालोद जिले के ग्राम कोलिहामार की। गांव की 12 साल की हनी राजपूत पिछले दो साल से ब्लड कैंसर से पीडि़त है। तीन बहनों में दूसरे नंबर की हनी है, बड़ी बहन हर्षिता 12 वीं में और सबसे छोटी पारुल कक्षा पांचवीं में पढ़ रही है। बीमारी के कारण हनी की पढ़ाई छूट गई है। मासूम की गरीब पिता सुशांत राजपूत निजी राइस मिल में चौकीदार और मां ममता गृहिणी है। गरीब माता-पिता कमजोर आर्थिक स्थिति के बाद भी अब तक उपचार में लगभग आठ लाख रुपए खर्च कर चुके हैं। इसके बाद भी बच्ची पूरी तरह स्वस्थ्य नहीं हुई है। डॉक्टरों ने उपचार में और लाखों रुपए खर्च होने की जानकारी पैरेंट्स को दी है।
उपचार में जेवर और खेत बिक गए, घर गिरवी में
मासूम के पिता सुशांत ने बताया कि बच्ची के उपचार में लगभग आठ लाख रुपए खर्च हो चुके हैं। उपचार के घर के सोने-चांदी के जेवर के अलावा खेत भी बिक गए है। उन्होंने अब आगे की उपचार का खर्च नहीं उठा पाने की बेबसी के साथ शासन-प्रशासन से आर्थिक मदद की गुहार लगाई है।
परिवार सहित पहुंचे जनदर्शन
सुशांत राजपूत मासूम बेटी की उपचार के लिए आर्थिक मदद की आस लिए परिवार सहित कलक्टर जनदर्शन पहुंचे थे। मासूम हनी ने कलक्टर के माध्यम से राज्य के मुख्यमंत्री से आर्थिक मदद की गुहार लगाई है। कलक्टर ने पीडि़त परिवार को हर संभव मदद का भरोसा दिलाया है।
हर माह चार यूनिट ब्लड की जरुरत
मासूम के पिता ने बताया कि ब्लड कैंसर से पीडि़त हनी को हर माह चार यूनिट ब्लड की जरूरत पड़ती है। उनका उपचार संजीवनी कैंसर हॉस्पिटल रायपुर में चल रहा है। यदि कोई व्यक्ति या संस्था संगठन आर्थिक करना चहता है तो उनके मोबाइल नंबर ७०८९८०२७२७ पर संपर्क कर सकते हैं।