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मिट्टी के चूल्हे पर पकाएंगे खीर और सोहारी… ताकि प्रसाद की बनी रहे पवित्रता

भिलाई. नहाए-खाए की रस्म के साथ सोमवार व्रतधारी ने लौकी, चने की दाल और चावल खाकर व्रत की शुरुआत की। आज मंगलवार को निर्जला व्रत के साथ खरना की परंपरा निभाई जाएगी। घरों में महिलाओं ने छठी मैया का प्रसाद तैयार करने नया चूल्हा बनाया। साथ ही गेहूं को धोकर सुखाया और इन सभी परंपरा को निभाते हुए महिलाओं ने छठी मैया के गीत भी गुनगुनाए।

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chhath puja-2021

दिनभर आंगन में गेंहू भी सूखते रहे,

पूरे परिवार का साथ
कठिन छठ पर्व को लेकर व्रती ने अपने घरों में आज से ही नियमों का पालन करना शुरू कर दिया है। कई घरों में आज से रोजाना इस्तेमाल किए जाने वाले चूल्हे की बजाए नए गैस चूल्हे का इस्तेमाल करना शुरू कर दिया। तो कई ने मिट्टी के चूल्हे में ही आम की लकड़ी जलाकर भोजन बनाया। दिनभर आंगन में गेंहू भी सूखते रहे, क्योंकि इन्ही गेहूं से छठ मैया का मुख्य प्रसाद ठेकुआ बनेगा।


आज बनेगी सोहारी और खीर
अवधपुरी निवासी पूनम प्रियदर्शिनी ने बताया कि नहाए-धोए की रस्म में व्रती एक टाइम ही भोजन करते हैं। मंगलवार को सुबह से व्रती निर्जला व्रत रखेंगे और शाम को सूर्यास्त के बाद सोहारी(रोटी) और गुड़ से बनी खीर का प्रसाद ग्रहण करेंगे। उन्होंने बताया कि खरना का प्रसाद लेने के बाद 36 घंटे का निर्जला व्रत शुरू हो जाएगा जो गुरुवार सुबह सूर्योदय के बाद पूरा होगा। इसके लिए उन्होंने भी घर पर मिट्टी का नया चूल्हा बनाया है। जिस पर वे प्रसाद बनाएंगे।