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CM और गृहमंत्री के गृह नगर में गैंगस्टरों की धमक, 20 साल बाद भिलाई में फिर गूंज रही गोलियां, खुलेआम पुलिस को चुनौती

एक दौर था जब सुपेला में महादेव महार का गैंग था। उसी तरह तपन सरकार, विनोद बिहारी, कन्हैया यादव इन सबके अपने-अपने गैंग थे। गैंगवार की ही नतीजा था कि माहदेव महार और कन्हैया यादव की हत्या हुई।

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भिलाई

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Dakshi Sahu

Jul 14, 2021

बीरेंद्र शर्मा @भिलाई. ट्विनसिटी क्या एक बार फिर अपराधियों का गढ़ बन रही है? नए-नए गैंगस्टर पैदा तो नहीं हो रहे हैं? कहीं पुराने गैंगस्टर अपने गुर्गो को फिर से संगठित और सक्रिय तो नहीं कर रहे? ख्ुाले आम गोलीबारी, चाकू-छुरी, तलवारबाजी, लूट, मारपीट, धमकी और मादक पदार्थों की बेधड़क तस्करी की घटनाओं से लोगों के जेहन में यह आशंका स्वभाविक है। इससे जिले में खाकी वर्दी पर भी सवालिया निशान भी उठ रहे हैं। अपराधी बेखौफ और शहर के आम नागरिक डरे, सहमे व भयभीत हैं। पखवाड़ेभर में ही शहर में खुलेआम गोलीबारी की दो घटनाएं हुईं। दोनों घटनाएं एक ही क्षेत्र रिसाली-मरोदा और नेवई में हुई। हवाई फायरिंग कर लोगों को आतंकित करने वाली इन घटनाओं को जानकार हिस्ट्रीशीटर और आदतन अपराधियों द्वारा जिले में अपना वर्चस्व स्थापित करने से जोड़कर देख रहे हैं। शुरुआती दौर में ही पुलिस ने अगर अपराध की दुनिया में सिर उठाने वालों को नहीं कुचला तो इनमें आपसी टकराव से गैंगवार व इसकी वजह से शहर में अशांति और भय के वातारण की भी आशंका बढ़ गई है।

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एनकाउंटर कर पुलिस ने किया था गैंगवार का खात्मा
एक दौर था जब सुपेला में महादेव महार का गैंग था। उसी तरह तपन सरकार, विनोद बिहारी, कन्हैया यादव इन सबके अपने-अपने गैंग थे। गैंगवार की ही नतीजा था कि माहदेव महार और कन्हैया यादव की हत्या हुई। 20 साल पहले एक गैंगस्टर गोविंद विश्वकर्मा का पुलिस ने एनकाउंटर किया था। उसके बाद से गैगस्टरों पर पुलिस का दबाव बना था। तीन साल पहले तत्कालीन आईजी ने गैंगस्टर और उसके गुर्गों के खिलाफ अभियान छेड़ा और उन सबको सलाखों के पीछे पहुंचाया। तपन इन दिनों जेल में है। विनोद को एक दिन पहले ही पुलिस ने मध्यप्रदेश में पकड़ा है।

क्या करते हैं गैंगस्टर और उसके गुर्गे
हत्या, हत्या की कोशिश, डरा धमकाकर वसूली, जमीन की अवैध खरीदी-बिक्री, कारोबार में दखल, ब्याजखोरी और रंगदारी इनका पेशा है। गैंगस्टर के बहुत से गुर्गे कोरोना काल में पेरोल पर छुटे हुए हैं। वे जेल में बंद गैंगस्टर के संरक्षण में जमीन से जुड़े अवैध कारोबार में बेधड़क लिप्त है। उन्हें किसी का डर नहीं है।

पुलिस के लिए बड़ी चुनौती --
अमजन का भरोसा जीतना और अपराधियों में खौफ पैदा करना
शहर में पनप रहे युवा अपराधियों के गैंग को खत्म करना पुलिस के लिए अब बड़ी चुनौती बनती जा रही है। जिसके खिलाफ दर्जनभर मामले दर्ज हैं ऐसे अपराधी भी शहर में बेखौफ घूम रहे हैं। ये लोग सट्टा जुआ, मादक पदार्थों और अवैध हथियारों की तस्करी में लिप्त हैं। चिंता की बात तो यह है कि खुलेआम हो रहे इन अपराधों पर पुलिस क्यों आंखें मंूदकर बैठी हुई है। पुलिस न तो अमजन का विश्वास जीत पा रही है और न ही अपराधियों में खौफ पैदा कर पा रही है।

गैंग पनपने की तीन बड़ी वजह
1. स्ट्रीट क्रिमिनल्स को दे रहे संरक्षण
गैंगस्टर और उनके कई गुर्गे सलाखों के पीछे हैं। कुछ नामी बदमाश अंडरग्राउंड हैं। ऐसे में कुख्यात गैंगस्टरों ने स्ट्रीट क्रिमिनल्स को अपना संरक्षण देना शुरू कर दिया है, जो इस शहर के आने वाले दिनों के लिए अच्छे संकेत नहीं हैं। ये सभी गैंगस्टर जेल में बैठकर अपना गैंग ऑपरेट कर रहे हैं।

2. गैंगस्टरों की नजर अब बदमाशों की नई पौध पर
इनकी उम्र महज 17 से लेकर 25 साल के बीच है। जाहिर है कि गैंगस्टरों की नजर अब बदमाशों की नई पौध पर है। इनके जरिए वह अब अपना काला कारोबार चलाना रहे हैं, क्योंकि पुलिस में इनका रिकॉर्ड नहीं होने से पकडऩा मुश्किल हो रहा है।

3. पुलिस कार्रवाई में राजनीतिक दखल
पुलिस अधिकारियों की माने तो वे भी चाहते हैं कि शहर में अमन चैन रहे और ऐसे अपराधियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए, लेकिन छोटे-छोटे अपराधों को राजनीतिक संरक्षण मिल रहा है। इसकी वजह से उनके खिलाफ कार्रवाई नहीं कर पा रहे हैं। यही वजह है कि शहर में अपराध का ग्राफ बढऩे लगा है।

एक्सपर्ट व्यू
नेताओं के फोन आने से पहले ही बुक कर दें
सेवानिवृत्त अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक आरपी शर्मा का कहना है कि प्रताडि़त होने के बाद ही प्रार्थी थाना पहुंचता है। पुलिस को कोई भी घटना छोटी या बड़ी नहीं समझना चाहिए। राजनेताओं के फोन आने से पहले अपराधी के कृत्य के आधार पर त्वरित कार्रवाई करते हुए उसे बुक कर दें। पुलिस के पास इतना अधिकार है कि अपराध को रोकना बड़ा सरल है। जिन अपराधियों के खिलाफ रिकॉर्ड है उनके खिलाफ प्रतिबंधात्मक कार्रवाई करें। इसके साथ जो थाना में लिस्टेड है, उनकी गतिविधियों पर पुलिस की नजर रहे। गैंग पनप ही नहीं सकेगा। दुर्ग एसपी प्रशांत अग्रवाल ने कहा कि शहर में अमन-चैन और सौहाद्र्र रखने का अभियान छेड़ा है। किसी प्रकार के गैंग को पनपने नहीं दिया जाएगा। सभी गुंडों बदमाशों की लिस्ट तैयार की जा रही है। ऐसे लोगों के खिलाफ छोटी सी छोटी शिकायत आने पर कार्रवाई होगी। ऐसे लोगों को समाज से बाहर निकालने त्वरित एक्शन होगा।