scriptFood should not be packed in plastic cartons and carry bags | अगर आप भी प्लास्टिक के डिब्बों और कैरी बैग में करते हैं खाना पैक हो जाइए सावधान, भोजन नहीं धीमा जहर परोस रहे... | Patrika News

अगर आप भी प्लास्टिक के डिब्बों और कैरी बैग में करते हैं खाना पैक हो जाइए सावधान, भोजन नहीं धीमा जहर परोस रहे...

प्लास्टिक की थैलियों या प्लास्टिक के डिब्बे में खाना खाने से प्लास्टिक के साथ ही हमारे शरीर में कई हानिकारक कैमिकल पहुंच जाते हैं। इसमें सबसे खतरनाक 'एंडोक्रिन डिस्ट्रक्टिंग केमिकल होता है, जो कि एक प्रकार का जहर है।

भिलाई

Published: December 04, 2021 03:45:54 pm

भिलाई. प्लास्टिक एक ऐसी चीज है जिसका आविष्कार तो मानव जीवन को सरल बनाने के लिए किया गया था लेकिन अब यही प्लास्टिक, कैरी बैग दुनिया के लिए अभिशाप बनता जा रहा है। धरती, हवा, पानी और अंतरिक्ष तक में इंसानों के साथ ही जीव-जंतुओं की सांसों और भोजन में जहर घोलने का कार्य यह प्लास्टिक कर रहा है। ये विडंबना है कि प्लास्टिक के नुकसान के बारे में पता होने के बावजूद भी हमने इससे परहेज नहीं किया और भोजन रखने, पैक करने आदि में इसको उपयोग करने लगे। नतीजन, हानिकारक प्लास्टिक को हमारे शरीर के अंदर पहुंचने का एक और माध्यम मिल गया। जिसे फूड पैकेजिंग और ऑनलाइन फूड डिलीवरी ने और बढ़ा दिया है। इससे पर्यावरण को भारी क्षति पहुंच रही है। (polythene bag harmful effects)
अगर आप भी प्लास्टिक के डिब्बों और कैरी बैग में करते हैं खाना पैक हो जाइए सावधान, भोजन नहीं धीमा जहर परोस रहे...
अगर आप भी प्लास्टिक के डिब्बों और कैरी बैग में करते हैं खाना पैक हो जाइए सावधान, भोजन नहीं धीमा जहर परोस रहे...
प्लास्टिक घोल रहा खाने में धीमा जहर
आजकल लोग अपनी सुविधा अनुसार गरमा गरम खाने को प्लास्टिक की थैलियों और डिब्बों के पैक कर लेते हैं। वहीं रोटियों को एल्युमिनियम फॉयल में पैक किया जाता है। इससे गरम चीज के संपर्क में आते ही प्लास्टिक के डिब्बे में लगा कैमिकल हमारे शरीर में घुल जाता है। धीरे-धीरे शरीर को नुकसान पहुंचाता है। उसी प्रकार एल्युमिनियम धीमे जहर का काम करता है। प्लास्टिक की थैलियों या प्लास्टिक के डिब्बे में खाना खाने से प्लास्टिक के साथ ही हमारे शरीर में कई हानिकारक कैमिकल पहुंच जाते हैं। इसमें सबसे खतरनाक 'एंडोक्रिन डिस्ट्रक्टिंग केमिकल होता है, जो कि एक प्रकार का जहर है। यह हार्मोंस को असंतुलित कर देता है। इससे हार्मोंस काम करने की क्षमता खो देते हैं।
कैंसर जैसे रोगों का कारण बन सकता है प्लास्टिक
एंडोक्रिन डिस्ट्रक्टिंग केमिकल धीमे जहर की तरह ही काम करता है। लंबे समय तक प्लास्टिक के बर्तनों में खाना खाने से कैंसर का खतरा बढ़ जाता है। साथ ही अन्य बीमारियां होने की संभावना भी बनी रहती है, जिससे इंसान की मौत भी हो सकती है। वहीं माइक्रोवेव में भी प्लास्टिक के डिब्बे में खाना गर्म करने पर केमिकल खाने में मिल जाता है।
घर जाती है ब्रेन सेल्स के विकास की दर
कई रिसर्च में सामने आया है कि प्लास्टिक फूड कंटेनर्स के केमिकल्स से ब्रेस्ट कैंसर होने का खतरा रहता है। इससे पुरुषों में स्पर्म काउंट घटने की संभावना बढ़ जाती है। गर्भवती महिलाओं और बच्चों के लिए भी यह नुकसानदायक है। प्लास्टिक बोतल में पानी जमाने या लंबे समय तक प्लास्टिक की बोतल में पानी पीने से भी कैंसर का खतरा बढ़ जाता है। एक ही प्लास्टिक बोतल का बार बार उपयोग करना भी कैंसर का कारण बन सकता है। वहीं एल्युमिनियम के इस्तेमाल से इनटेक अल्जाइमर हो सकता है। रोजाना एल्युमिनियम का उपयोग करने से ब्रेन सेल्स की विकास दर घट जाती है।

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