
नहीं रहे राजनांदगांव के पूर्व महापौर विजय पांडे
राजनांदगांव. अविभाजित मध्यप्रदेश में राजनांदगांव से निर्दलीय महापौर का चुनाव जीतकर अपनी धाक साबित करने वाले कांग्रेस नेता विजय पांडे का आज शाम चेन्नई में उपचार के दौरान निधन हो गया। उन्हें स्वास्थ्य खराब होने पर आज दोपहर ही एयर एबुंलेंस से रायपुर से चेन्नई ले जाया गया था। पांडे पिछले कुछ समय से लीवर और किडनी की बीमारी से पीडि़त थे।
प्रदेश कांगे्रस कमेटी के सदस्य
राजनांदगांव के जूनी हटरी स्थित प्रतिष्ठित ब्राम्हण परिवार में सन 1958 में जन्मे विजय पांडे ने राजनीति की शुरूआज कॉलेज के दौर से शुरू कर दी थी। बाद में वे युवक कांग्रेस के अध्यक्ष बने। सन 1999 में राजनांदगांव से महापौर का चुनाव उन्होंने निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में जीता। वर्तमान में पांडे प्रदेश कांगे्रस कमेटी के सदस्य थे।
अंतिम संस्कार शुक्रवार को दोपहर बाद
पांडे ने 1983 में अंतरजातीय विवाह किया था। वे अपने पीछे पत्नी वसुंधरा पांडे, दो बेटियों और एक पुत्र के अलावा दो भाईयों सहित भरा पूरा परिवार छोड़ गए हैं। पांडे के शव को चेन्नई से यहां लाए जाने की तैयारी चल रही है। पारिवारिक सूत्रों के अनुसार अंतिम संस्कार कल शुक्रवार को दोपहर बाद होगा। पांडे के निधन से पूरा शहर स्तब्ध है।
आयोजनों में माहिर थे
रामायण मेला और दशहरा उत्सव के नाम से विजय पांडे को शहर हमेशा याद करेगा। छत्तीसगढ़ राज्य के निर्माण के बाद राजनांदगंाव में सात दिनी रामायण मेला का सफल आयोजन कर उन्होंने शहर में देश के चुनिंदा प्रसिद्ध कलाकारों का कार्यक्रम आयोजित कर अपने आयोजन क्षमता का बखूबी परिचय दिया था। राज्य बनने से पहले से राजनांदगांव में दशहरा उत्सव के शानदार आयोजन की शुरूआत विजय पांडे ने ही की थी। वर्तमान में उनके राष्ट्रीय उत्सव समिति का यह आयोजन शहर की पहचान बन गई है।
खेलों में थी गहरी रूचि
पांडे की खेलों में गहरी रूचि थी। वे बॉस्केटबॉल के राज्य स्तर के खिलाड़ी रहे हैं। दिग्विजय स्टेडियम समिति और इसके मुख्य आयोजन सर्वेश्वरदास हॉकी से ये २५ सालों से ज्यादा समय तक जुड़े रहे। छत्तीसगढ़ हॉकी संघ के भी पांडे अध्यक्ष रहे हैं। इसके अलावा शहर के हर खेल आयोजनों में उनकी सक्रिय भागीदारी रहती थी।
Published on:
19 Apr 2018 09:19 pm
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