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बारिश में ढह गया कच्चा मकान, दोनों किडनी फेल्यिर से जूझ रहे गरीब युवक ने कलेक्टर से लगाई मदद की गुहार

बारिश में कच्चा मकान ढहने के बाद सामुदायिक भवन में अपने परिवार के साथ रह रहे गंभीर बीमारी से पीडि़त खुर्सीपार के एक युवक ने कलेक्टर से मदद की गुहार लगाई है।

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भिलाई

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Dakshi Sahu

Dec 30, 2020

बारिश में ढह गया कच्चा मकान, दोनों किडनी फेल्यिर से जूझ रहे गरीब युवक ने कलेक्टर से लगाई मदद की गुहार

बारिश में ढह गया कच्चा मकान, दोनों किडनी फेल्यिर से जूझ रहे गरीब युवक ने कलेक्टर से लगाई मदद की गुहार

भिलाई. बारिश में कच्चा मकान ढहने के बाद सामुदायिक भवन में अपने परिवार के साथ रह रहे गंभीर बीमारी से पीडि़त खुर्सीपार के एक युवक ने कलेक्टर से मदद की गुहार लगाई है। दोनों किडनी फेल्यिर से जूझ रहे गरीब विल्सन जोसफ ने बताया कि इसी साल अगस्त माह में हुई तेज बारिश के बाद उनकी मां का दो कमरे का मिट्टी का मकान ढह गया। प्रशासन की टीम निरीक्षण करने जरूर पहुंची पर मात्र 3200 रुपए मुआवजा थमाकर चली गई। मकान ढहने के कारण परिवार पिछले तीन महीने से खुर्सीपार के सामुदायिक भवन के एक कमरे में रहने को मजबूर है। युवक ने बताया कि वह घर का बड़ा बेटा है पर किडनी फेल्यिर के कारण पिछले एक साल से बिस्तर पर ही है। जिससे उसके घर में खाने के लाले पड़ गए हैं। रही सही कसर बारिश ने मकान ढहा कर पूरी कर दी।

मांगी आर्थिक सहायता
भिलाई नगर निगम के वार्ड 29 निवासी बीस वर्षीय युवक बीमारी के बावजूद अपने परिवार के लिए छत का आसरा लगाकर सभी जनप्रतिनिधि और महापौर देवेंद्र यादव से भी मदद की गुहार लगा चुके हैं। किसी ने गरीब परिवार को सहारा नहीं दिया। अंतत: थककर दुर्ग कलेक्टर से आर्थिक मदद मांगी है। विल्सन ने बताया कि उनके पास पट्टे की जमीन के सारे दस्तावेज हैं। उस हिसाब से कच्चा मकान ढहने का कम से कम 96 हजार मुआवजा मिलना चाहिए। प्रशासनिक अधिकारियों ने इस बात को गंभीरता से नहीं लिया। जिसका खामियाजा गरीब परिवार भुगत रहा है। युवक ने बताया कि वह खुद का उपचार कराने में भी सक्षम नहीं है। सुमित फाउंडेशन और जीवन दीप गु्रप से जुड़े युवक किसी तरह उसके डायलिसिस और दवाइयों की व्यवस्था कर रहे हंै। अगर ये मदद भी बंद हो जाएगी तो शायद एक महीने भी वह जीवित नहीं रह पाएगा।