
मोर जमीन-मोर मकान का प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजने के आश्वासन पर क्रमिक भूख हड़ताल समाप्त
भिलाई. वैशाली नगर विधायक विद्यारतन भसीन के आश्वासन पर पिछले 10 दिनों से चल रहे क्रमिक भूख हड़ताल को वार्ड-२ मॉडल टाउन और इंदिरा नगर के रहवासियों ने समाप्त कर दिया। विधायक ने नेहरू नगर जोन कार्यालय के सामने क्रमिक भूख हड़ताल पर बैठे लोगों को जूस पिलाकर आंदोलन को समाप्त करवाया। उन्हें यह आश्वस्त किया मॉडल टाउन और इंदिरा नगर बस्ती के मकानों को खाली कराने की नौबत नहीं आएगी। निगम प्रशासन ने शासन के माध्यम से भारत सरकार को मोर जमीन मोर मकान योजना के तहत मकान बनाने के लिए छूट देने का प्रस्ताव भारत सरकार को भेजा है। यदि सरकार से स्वीकृति नहीं मिली तो वह भी उनके साथ हड़ताल पर बैठेंगे।
मकानों को तोडऩे के बजाय पक्का बनवाने के लिए पहल
विधायक ने प्रदर्शनकारियों से यह भी कहा कि इस मामले को लेकर निगम प्रशासन ने नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग को प्रस्ताव बनाकर भेज दिया है। मंत्री अमर अग्रवाल से चर्चा हो चुकी है। मंत्री ने भी मकानों को तोडऩे के बजाय प्रधानमंत्री आवास मोर जमीन मोर मकान के अंतर्गत पक्का मकान बनवाने के लिए पहल करने की बात कही है। चर्चा के दौरान पार्षद सरोज रमेश दादर साहू, पार्षद भोजराज सिन्हा, शमशेर बहादुर कांचा सहित अन्य मौजूद रहे।
योजना भारत सरकार की
नोडल अधिकारी एसपी साहू का कहना था कि आईएसएसआर योजना भारत सरकार की है। इसलिए स्थानीय स्तर पर प्रस्ताव में कोई बदलाव नहीं किया जा सकता। माडल टाउन और इंदिरा नगर में ३३० पट्टेधारी होने की जानकारी दी। जिसमें १९८४ से पहले के ५५ पट्टेधारी का नाम मोर जमीन मोर मकान योजना में नाम होना बताया। भारत सरकार की स्वीकृति के बाद ही योजना का लाभ मिलने की बात कही।
महापौर ने लिखा संचालक को पत्र
महापौर देवेन्द्र यादव ने नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के मंत्री और संचालक को पत्र लिखा है। जिसमें उन्होंने मॉडल टाउन और इंदिरा नगर को आईएसएसआर योजना के अंतर्गत व्यवथापन के तहत बस्ती को खाली कराने के विरोध में क्रमिक भूखहड़ताल की जानकारी दी थी। प्रधानमंत्री आवास मोर जमीन मोर मकान योजना के अंतर्गत पक्का आवास बनाने के लिए छूट देने की मांग की है। दोनों ही बस्ती में सड़क, नाली, बिजली, पाइप लाइन सहित अन्य मूलभूत सुविधाएं होने की जानकारी दी है।
योजना में बदलाव तो इनको भी मिलेगा फायदा
यदि भारत सरकार योजना में बदलाव करती तो इंदिरा नगर, माडल टाउन के ४०० परिवार के साथ घासीदास नगर, और रुआबांधा बस्ती के रहवासियों को भी फायदा मिलेगा। भारत सरकार ने आईएसएसआर योजना के तहत इंदिरा नगर, माडल टाउन, घासीदास नगर और रुआबांधा बस्ती को आईएसएसआर और एएचपी योजना के तहत व्यवस्थापन की स्वीकृति दी है।
Published on:
20 Jun 2018 09:02 pm
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