
आईआईटी के युवा भिलाई निगम का करेंगे वाटर प्रबंधन प्रोजेक्ट तैयार
भिलाई. पटरीपार में रहने वाली 4.25 लाख की आबादी का प्यास बुझाना था। इसके लिए नगर पालिक निगम, भिलाई ने अब तक 480 करोड़ रुपए अलग-अलग योजना में खर्च किए। निगम क्षेत्र के लोगों तक पानी पहुंचाने के लिए हर दिन 140 एमएलडी पानी विभिन्न पानी टंकियों से आपूर्ति की जा रही है। बावजूद इसके हर घर फोर्स के साथ पानी पहुंचाने में कामयाबी नहीं मिली है। अब निगम महापौर इस मामले में पहल करते हुए आईआईटी की युवा टीम के सामने अपनी बात रखी है। आईआईटी के युवाओं ने पानी का बेहतर प्रबंधन के लिए प्रोजेक्ट तैयार करने की बात कही है। इससे पानी बिना बर्बाद हुए लोगों तक पहुंच सके। थ्रीडी सर्वे होगा, अत्याधुनिक तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा।
ड्रोन से किया जाएगा सर्वे
आईआईटी के डायरेक्टर व फैकेल्टी के साथ महापौर नीरज पाल की बैठक हुई। इसमें आईआईटी के फैकेल्टी भी मौजूद रहे। इसके लिए आधुनिक तकनीक लिडार पद्धति से सर्वे की बात बन रही है। लिडार एक बेहतर सर्वे की पद्धति है, ड्रोन के माध्यम से इस पर काम होता है, एक ही झलक में यह पता चल जाता है कि जिस एरिया में सर्वे किया गया है उस पर किस प्लानिंग से काम करना है। लिडार सर्वे के लिए निगम से अनुमति चाही गई है, भिलाई निगम ने भी इस ओर कदम बढ़ाया है। इसके लिए भिलायंस आईआईटी के स्टूडेंट्स इस पर काम करेंगे।
फिर वापस आ गए सार्वजनिक नलों की ओर
नगर निगम ने करोड़ों रुपए खर्च किया कि लोगों के घर तक नल कनेक्शन लग जाए। पानी पूरे फोर्स से पहुंचे। वहीं दुर्गा मंदिर वार्ड-46 के तरंगिणी नगर, मिनीमाता नगर व गणेश मंदिर क्षेत्र में जीआई पाइप बिछाया जा रहा है। यहां लोगों के घरों में नल कनेक्शन लगा है, लेकिन फोर्स से पानी नहीं आता। नगर निगम के अधिकारी अब यहां स्टैंड पोस्ट लगाकर सार्वजनिक नल के माध्यम से लोगों को पानी मुहैया करवाने में जुटे हैं। यह पानी करीब 20 स्टैंड पोस्ट लगाकर बोरिंग में पंप लगाकर दिया जाएगा।
सालभर जाता है टैंकर
संतोषी पारा को दोनों ही योजना का लाभ नहीं मिल रहा है। इस वजह से बोर का पानी उपयोग कर रहे हैं। बालाजी नगर वार्ड-44, यादव पारा लगातार टैंकर के माध्यम से पानी की आपूर्ति की जा रही है। इसी तरह से अन्य क्षेत्र भी हैं, जहां सालभर पानी आपूर्ति करने के लिए निगम टैंकर का सहारा लेती है। इससे निगम को अतिरिक्त संसाधन के साथ-साथ आर्थिक नुकसान होता है। अब आईआईटी के युवा अगर नया प्रोजेक्ट बनाकर काम करते हैं। तब इस परेशानी से बचने हमेशा के लिए रास्ता खुल जाएगा।
वेस्ट वाटर पर भी होगा काम
आईआईटी के युवा वेस्ट वाटर मैनेजमेंट, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, प्रदूषण, सोलर प्लांट को लेकर चर्चा की गई। भिलायंस आईआईटी के स्टूडेंट्स इस पर काम करेंगे। इसको लेकर बैठक में सहमति जतायी गई है। इसके लिए आधुनिक तकनीक लिडार पद्धति से सर्वे की बात बन रही है।
यहां पर करना है सुधार
नगर पालिक निगम, भिलाई क्षेत्र में लाखों लीटर फिल्टर वाटर हर दिन नालियों में बहता है। सबसे पहले इनको सहेजना होगा। बिना मांगे जिनके घरों में नल कनेक्शन दिए हैं, उनसे सहमति पत्र लें या कनेक्शन को विच्छेद करना होगा। इसमें कामयाब होते ही पानी का फोर्स हर वार्ड में बढ़ जाएगा।
नालियों से हटवाना होगा पेयजल के पाइप लाइन को
क्षेत्र में पेयजल के पाइप लाइन को नालियों से कई जगह गुजारा है। वहीं कुछ स्थान पर पाइप लाइन दूर तक नालियों में दौड़ रही है। इसे सुधारना होगा।
पहली बार भिलाई ले रहा आईआईटी के युवाओं का सहयोग
नीरज पाल, महापौर, नगर पालिक निगम, भिलाई ने बताया कि पानी के प्रबंधन को लेकर पहली बार भिलाई निगम आईआईटी के युवाओं की मदद ले रहा है। वे अत्यधुनिक तरीके से इसका ड्रोन से सर्वे कर व्यवस्था में सुधार करेंगे। से भिलाई के लाखों लोगों को लाभ मिलेगा।
आधूनिक तरीका अपनाएगा आईआईटी के युवा
संजय शर्मा, प्रभारी अधिकारी, जल कार्य, नगर पालिक निगम, भिलाई ने बताया कि भिलाई में करीब 70 हजार से अधिक लोगों के घरों में नल कनेक्शन लगा हुआ है। इसके प्रबंधन को लेकर आईआईटी के युवा आधुनिक तरीका अपनाएंगे।
Published on:
26 Mar 2023 09:44 pm

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