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साइंस का कमाल: आने वाले समय में मशीन बता देगी आप कब बीमार पड़ेंगे

अपना प्रदेश जल्द ही आर्टिफिशिल इंटीलेजेंस एंड डीप लर्निंग के क्षेत्र में कीर्तिमान रचेगा। हम मेडिकल इमेज प्रोसेसिंग के जरिए बीमारी का पता पहले ही लगा पाएंगे।

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साइंस का कमाल: आने वाले समय में मशीन बता देगी आप कब बीमार पड़ेंगे

भिलाई @Patrika. अपना प्रदेश जल्द ही आर्टिफिशिल इंटीलेजेंस एंड डीप लर्निंग के क्षेत्र में कीर्तिमान रचेगा। हम मेडिकल इमेज प्रोसेसिंग के जरिए बीमारी का पता पहले ही लगा पाएंगे। यह रोकथाम का जरिया बनकर उभरेगा। सिंचाई विभाग जल के लिए डीप लर्निंग से पानी भराव को नियंत्रित करने में मददगार साबित होगी। स्मार्ट सिटी के प्रोजेक्ट में हम दूसरे देशों की तर्ज पर एडवांस यातायात टूल अपनाएंगे। मशीन इंटीलेजेंसी के जरिए सेंसर टेक्नोलॉजी से रास्तों पर ट्रैफिक को कंट्रोल किया जा सकेगा। रेलवे स्टेशन व एयरपोर्ट के लिए पहुंच मार्ग पर कितना ट्रैफिक है इसकी जानकारी आपको पहले ही मिल जाएगी, जिससे आप अपना रास्ता बदलकर समय पर पहुंचेंगे। प्रदेश को स्मार्ट टेक्नो से जोड़ती यह रोचक बातें शनिवार को बीआईटी दुर्ग में हुए एक सेमिनार में बताई गई।@Patrika

यह अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद का है प्रोजेक्ट
@Patrika बीआईटी के कंप्यूटर साइंस विभाग में आर्टिफिशियल इंटीलेजेंसी एंड डीप लर्निंग पर तीन दिवसीय सेमिनार की शुरुआत हुई। यह अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद का प्रोजेक्ट है, जिसके लिए प्रदेश का जोनल कॉर्डिनेटर दुर्ग बीआईटी को बनाया गया है। सेमिनार में आइआइटी दिल्ली के रिटायर्ड प्रोफेसर डॉ. बिश्वास कुमार और इस प्रोजेक्ट के कॉर्डिनेटर डॉ. दीपक गर्ग मौजूद रहे। बीआईटी ट्रस्ट से आईपी मिश्रा और प्राचार्य डॉ. अरुण अरोरा ने भी इस तकनीक को प्रदेश का भविष्य बताया। सेमिनार में प्रदेश के सभी कॉलेजों से दो-दो फैकल्टी को आमंत्रित किया गया है।@Patrika

इस्तेमाल होगा ओपन सोर्स पायथॉन
@Patrika यह सेमिनार कंप्यूटर साइंस विभाग की एचओडी डॉ. एमवी पद्मावती एचओडी कंप्यूटर के मार्गदर्शन में कराया जा रहा है, जिसमें प्र्रोफेसर पवन पटनायक, विकास पांडेय, कुलेश्वर प्रसाद, शिवदत्त मिश्रा और विनिता गुप्ता का योगदान है। पवन पटनायक ने बताया कि पहले दिन एक्सपट्र्स ने इमेज प्रोसेस टेक्निक की जानकारी दी। मशीन लर्निंग के बारे में बताया। प्रैक्टिकल में ओपन सोर्स सॉफ्टवेयर की जानकारी दी। @Patrika