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कॉलोनियां बनने से शिवनाथ पर बढ़ रहा दबाव, कम हो रहा नदी का दायरा, बड़ी त्रासदी की आशंका

Bhilai Hindi News : शिवनाथ नदी राजनांदगांव जिले में करीब 40 किलोमीटर सफर के बाद दुर्ग जिले में प्रवेश करती है।

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कॉलोनियां बनने से शिवनाथ पर बढ़ रहा दबाव, कम हो रहा नदी का दायरा, बड़ी त्रासदी की आशंका

कॉलोनियां बनने से शिवनाथ पर बढ़ रहा दबाव, कम हो रहा नदी का दायरा, बड़ी त्रासदी की आशंका,कॉलोनियां बनने से शिवनाथ पर बढ़ रहा दबाव, कम हो रहा नदी का दायरा, बड़ी त्रासदी की आशंका,कॉलोनियां बनने से शिवनाथ पर बढ़ रहा दबाव, कम हो रहा नदी का दायरा, बड़ी त्रासदी की आशंका

दुर्ग. शिवनाथ नदी राजनांदगांव जिले में करीब 40 किलोमीटर सफर के बाद दुर्ग जिले में प्रवेश करती है। शिवनाथ के जरिए राजनांदगांव के मोंगरा बैराज, तांदुला व खरखरा जलाशय और सूखा व घूमरिया नाला सहित आधा दर्जन छोटे-बड़े नालों के कैचमेंट का पानी जिले में पहुंचता है।

इसके अलावा बारिश में आपात स्थिति में जलाशयों से एकमुश्त पानी भी छोड़ना पड़ता है। कैचमेंट के पानी के दबाव के कारण शिवनाथ हर साल उफनती है। ऐसे में शिवनाथ के किनारे लगातार निर्माण और नदी दायरा घटने से भविष्य में बाढ़ जैसी त्रासदी के हालात बन सकते हैं। हर साल इन कॉलोनियों के डुबने का खतरा रहेगा।

डुबान क्षेत्र में प्रावधान

किसी भी नदी की एक निश्चत भराव क्षमता होती है। इसके बाद कैचमेंट से अधिक पानी आने पर अथवा बाढ़ की स्थिति में तटीय इलाकों में इसका फैलाव होता है। इसे नदी का डुबान क्षेत्र माना जाता है। भूमि-विकास नियम में ऐसे डुबान क्षेत्र को सुरक्षित रखने का प्रावधान है। यहां कोई भी निर्माण व विकास नहीं किया जाना चाहिए।

बस गई कालोनियां

शिवनाथ के डुबान को लेकर जिला प्रशासन गंभीर नहीं है। इससे चलते पहले ही इन इलाकों में कई निर्माण हो चुके हैं। शहर से लगे दोनों किनारों में आधा दर्जन से ज्यादा कॉलोनियां बस गई है। इसके अलावा नदी के तट पर होटल ढाबे तक खड़े कर लिए गए हैं। अभी भी इन इलाकों में निर्माण जारी है।

शहर तक पहुंचा पानी

शिवनाथ नदी का पानी बाढ़ की स्थिति में गंजपारा चौक के करीब तक पहुंच जाता है। इसी तरह पुलगांव नाला के आसपास, मोहलाई, उरला, करहीडीह के करीब का इलाका भी डूब जाता है। इसी तरह भिलाई से लगे चिखली, समोदा, जेवरा-सिरसा, भटगांव, झेंझरी व करंजा-भिलाई के आसपास के बड़े इलाके तक शिवनाथ का पानी पहुंच जाता है।

इन इलाकों में निर्माण

शिवनाथ पर शहर से लगे इलाकों में पुलगांव के आसपास व उलट के कारण पुलगांव नाला के जलभराव वाले इलाके गंजपारा, मिलपारा, पोटिया, महावीर कालोनी, महेश कालोनी, खंडेलवाल कालोनी तक दर्जनभर कालोनियां तन गई है। वहीं बघेरा, मोहलाई, भटगांव, जेवरा, सिरसा सहित आसपास के गांवों में नदी के किनारे तक प्लाटिंग का एरिया पहुंच गया है।

रिकॉर्ड गायब

जिला प्रशासन के पास शिवनाथ के डुबान क्षेत्र की स्पष्ट जानकारी नहीं है। सूचना का अधिकार में इसका खुलासा हो चुका है। सूचना का अधिकार के तहत डुबान क्षेत्र की जानकारी मांगें जाने पर जिला प्रशासन द्वारा बाढ़ प्रभावित गांवों की जानकारी दी जा रही है। अफसर इसके अलावा और जानकारी नहीं होने की बात कह रहे हैं।

नदियों का एक निश्चित डुबान क्षेत्र होता है। इसे सुरक्षित रखा जाना चाहिए। जिला प्रशासन इसे लेकर गंभीर नहीं है। सूचना का अधिकार में इसकी जानकारी भी मांगी गई थी, लेकिन जवाब नहीं दिया गया। डुबान को बचाने की दिशा में कोई भी पहल नहीं किया जा रहा है।