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अमेरिका में बसे भिलाइयन्स ने कहा- ‘थैक्स मोदी जी’ समय रहते कर दिया लॉक डाउन,

म भले ही यहां बसे हो पर हमारे अपनों की चिंता हमें सताती थी, कि अगर भारत में यह फैल गया तो क्या होगा.. पर अब खुशी है कि हमारे देश की स्थिति अच्छी है और लोग लॉक डाउन का पालन भी कर रहे हैं। यह बातें अमेरिका में बसे भिलाई के लोगों ने पत्रिका के संग शेयर की।

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अमेरिका में बसे भिलाइयन्स ने कहा- 'थैक्स मोदी जी' समय रहते कर दिया लॉक डाउन,

मंदीप सिंह का परिवार

भिलाई. कोरोना वायरस से पूरी दुनिया लड़ रही है। अमेरिका जैसे एडवांस देश ने भी इसे समझने में देरी कर दी और 35 करोड़ की आबादी वाले देश में कोरोना संक्रमितों की संख्या डेढ लाख से ज्यादा तक पहुंच चुकी है। ऐसे में भारत के प्रधानमंत्री और राज्य सरकारों ने समय रहते लॉक डाउन कर देश को काफी हद तक सुरक्षित कर लिया है। हम भले ही यहां बसे हो पर हमारे अपनों की चिंता हमें सताती थी, कि अगर भारत में यह फैल गया तो क्या होगा.. पर अब खुशी है कि हमारे देश की स्थिति अच्छी है और लोग लॉक डाउन का पालन भी कर रहे हैं। यह बातें अमेरिका में बसे भिलाई के लोगों ने पत्रिका के संग शेयर की। शहर में कई ऐसे पैरेट्स भी है जिनके बच्चे बाहर पढ़ाई कर रहे हैं। पैरेंट्स भी उन्हें घर से बाहर नहीं निकलने की हिदायत दे रहे हैं तो वे भी रोजाना वीडियो कॉल के जरिए अपनी खैरियत बता रहे हैं।


हम घर पर, डॉक्टर बेटा और बहू कर रहे सेवा
अमेरिका के कैलिफोर्निया में रहने वाले भिलाई के हरिन्दर सिंह सिद्धु ने बताया कि अमेरिका जैसी एडवांस कंट्री को भी कोरोना वायरस की गंभीरता समय रहते समझ नहीं आई। देश में पिछले 15 दिनों से लॉक डाउन है और यहां डेढ़ लाख से ज्यादा लोग कोरोना से संक्रमित हो चुके हैं। उनका परिवार भी पिछले 15 दिनों से घर से बाहर नहीं आया। केवल जरूरत का सामान लेने 10 दिन में एक बार बाहर जाते हैं, क्योंकि भारत जैसी घर पहुंच सेवा यहां नहीं है। उन्होंने कहा कि इन सब के बीच खुशी की बात यह है कि भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने समय रहते लॉक डाउन का निर्णय लिया। उन्होंने कहा कि उनके शहर में सबकुछ बंद है लोग घरों से काम कर रहे हैं और अच्छी बात यह है कि अमेरिकी सरकार ने लोगों की मदद के लिए अच्छेखासे पैकेज की घोषणा की है। उन्होंने बताया कि उनके बेटा हरप्रीत सिद्धु और बहू सोनम दोनों ही डॉक्टर है और लांस एजिंलस में नौकरी करते हैं। जब पूरी दुनिया कोरोना वायरस से बचने घर पर है तब उनके बेटे और बहू लोगों की सेवा में जुटे हैं। वे कहते हैं कि यह उनके लिए गर्व की बात है कि ऐसी कठिन स्थिति में वे अपना फर्ज निभा रहे।

उम्मीद जिंदा है
कैलिफोर्निया में ही रहने वाले मंदीप सिंह बताते हैं कि वे और उनकी पत्नी दोनों ही सरकारी नौकरी पर है और वे दोनों ही ड्युटी पर जा रहे हैं, पर बच्चे और मां घर पर ही है। उन्होंने बताया कि अभी लॉक डाउन कब तक चलेगा कुछ पता नहीं, शायद बच्चों को भी अगली क्लास में प्रमोट कर दिया जाए. पर उन्हें उम्मीद है कि जल्द ही सबकुछ सामान्य हो जाएगा और सभी अपनी नार्मल लाइफ में लौट आएंगे। मंदीप ने बताया कि उनके पिता दादाजी सब भिलाई में रहते हैं, उन्हें बहुत चिंता थी,लेकिन देश में हुए लॉक डाउन और वहां की बेहतर स्थिति को देख वे खुश है। उन्होंने पत्रिका के जरिए अपने भिलाई के सारे दोस्तों और रिश्तेदारों से कहा कि वे सब जहां भी है घर पर रहे और सेफ रहे ताकि इस कोरोना वायरस से जंग में हम सभी जीत जाएं। मंदीप का मानना है कि ऐसी कठिन स्थिति में हम अपने देश का साथ दें और अच्छी उम्मीद के साथ अच्छा सोचे तो जल्द ही इस संकट से उबर जाएंगे।

घर से ही कर रहे काम
अमेरिका के ह्युस्टन में मास्टर ऑफ साइंस की पढ़ाई करने गई रिसाली अवधपुरी की आरूषि प्रियदर्शिनी ने बताया कि उनके शहर में अभी केस कम है फिर भी 3 अप्रैल तक लॉक डाउन हो चुका है। इस दौरान यूनिवर्सिटी से ऑनलाइन क्लास चल रही है और वे पार्ट टाइम जॉब भी कर रही है तो कंपनी ने घर से ही काम करने को कहा है। आरूषी ने बताया कि अमेरिका के अन्य शहरों का बूरा हाल देख लोग काफी डरे हुए हैं और जब तक बहुत ज्यादा जरूरत न पड़े लोग घर से बाहर नहीं निकल रहे। आरूषी की मम्मी एवं भिलाई महिला समाज मरोदा क्लब की सचिव पूनम प्रियदर्शिनी ने बताया कि अमेरिका के हालात देखकर वे काफी टेंशन में थी,लेकिन बेटी ने जब बताया कि उनके शहर में संक्रमित लोग नहीं है तो उनकी जान में जान आई। वे बताती हैं कि बेटी घर पर है इसलिए सुरक्षित है और हमें भी घर पर रहकर इस लॉक डाउन के दौरान सरकार का साथ देना चाहिए।

IMAGE CREDIT: bhilai patrika